फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: अस्पताल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, जांच के आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
परिजनों ने खौड़ उपजिला अस्पताल के डॉक्टर पर लगाया उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। खौड़ उपजिला अस्पताल में वीरवार को एक मरीज की मौत होने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने चिकित्सकों पर आरोप लगाया कि मरीज के उपचार के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी मौत हो गई। अस्पताल के एक डॉक्टर ने आशंका जताई है कि मरीज को दिल का दौरा पड़ा था। मामले की जांच के लिए प्रशासन ने कमेटी का गठन किया है।
परिजनों ने बताया कि सुबह लगभग सवा नौ बजे गांव हमीरपुर सिदड़ निवासी शाम लाल (45) पुत्र चुन्नी लाल की घर में तबीयत खराब हो गई। उन्हें अस्पताल लाया गया। मौके पर डॉक्टर ने उनका चेकअप किया और कुछ दवाइयां लिखीं। साथ ही कहा कि मरीज को पीने के लिए पानी अधिक मात्रा में दें। इनका बीपी अधिक बढ़ गया है। अब वह ठीक हैं। तीमारदारों ने कहा कि मरीज का ईसीजी किया जाए। लेकिन, डॉक्टर ने कहा कि ईसीजी करने के लिए उनके पास कागज का रोल नहीं है। इसके बाद मरीज को घर ले आए। घर पहुंचते ही मरीज की हालत फिर खराब हो गई। परिजन फिर उसे लेकर अस्पताल पहुंच गए। तब एक अन्य डॉक्टर ने मरीज की जांच की और सीपीआर भी दिया। उसके बाद उन्होंने मरीज को मृत घोषित कर दिया। उनके अनुसार मरीज को हार्ट अटैक आने की आशंका है, लेकिन पूरी सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।
विज्ञापन

इसके बाद परिजन और साथ आए लोग भड़क गए और डॉक्टरों पर इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाने लगे। लोगों का कहना था कि जब मरीज को पहली बार अस्पताल लाया गया था, अगर उस समय मरीज का ईसीजी कर लिया होता या जम्मू या अखनूर रेफर कर देते तो मरीज बच सकता था। लोगों ने जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए रोष जताया और अस्पताल परिसर में धरना दिया। उसके बाद थाना प्रभारी खौड़ राहुल गुप्ता ने लोगों को शांत करते हुए मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को दे दिया है।
-
निजी स्कूल की बस चलाते थे शाम लाल



जानकारी के अनुसार शाम लाल क्षेत्र के एक निजी स्कूल की बस चलाता था। वीरवार सुबह जब वह बस को लेकर घर से निकलने लगा तो अचानक उसके सीने, पेट और सिर में दर्द होने लगा। तब उनके परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
-
...अब हमारा पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं रहा
परिजनों के अनुसार शाम लाल की पत्नी की लगभग छह साल पहले मौत हो चुकी है। उनके छोटे-छोटे दो बच्चे हैं। उन दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कह रहे थे कि अब वे किसके सहारे रहेंगे। उनका पालन-पोषण करने वाला अब कोई नहीं रहा। मां की मौत के बाद से पिता ही सुबह खाना बनाते और खिलाते। उसके बाद स्कूल भेजते। फिर खुद काम पर जाते थे। उन्होंने इंसाफ की भी गुहार लगाई।
विज्ञापन

-

मौत का कारण जानने के लिए हमने प्रशासन के सहयोग से जांच समिति का गठन किया है। अगर हमारे डॉक्टर की लापरवाही पाई जाती है तो हम डॉक्टर के निलंबन के लिए उच्चाधिकारियों को लिखेंगे। इसके अलावा हमारे पास ईसीजी करने के लिए कागज का रोल बहुत हैं। पता नहीं डॉक्टर ने ऐसा क्यूं कह दिया।
- एमए चौहान, बीएमओ, खौड़
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें