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Jammu News: जीएसटी में बदलाव से खुदरा और थोक कारोबारियों में उत्साह

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कारोबार सुगम होगा, उपभोक्ताओं की क्षमता बढ़ने से से बिक्री में इजाफा
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अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी दरों में कटौती और कर ढांचे को सरल बनाने के फैसले का असर जम्मू-कश्मीर के थोक और खुदरा कारोबार पर साफ दिख रहा है। व्यापारी मानते हैं कि इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि उनकी खरीदने की क्षमता भी बढ़ेगी।

कनक मंडी में दाल-चावल और रोजमर्रा के सामान के थोक कारोबारी आदित्य अग्रवाल का कहना है कि सरकार का यह फैसला उनके कारोबार के लिए बड़ा सहारा साबित होगा। पहले टैक्स ढांचे में कई तरह की दिक्कतें थीं, जिससे व्यापारी और ग्राहक दोनों परेशान रहते थे। अब टैक्स आसान और सीधा हो गया है तो कारोबार भी सुगम होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि उपभोक्ता को वही सामान पहले से कम कीमत पर मिलेगा। जैसे पहले जितने पैसों में चार किलो सर्फ पाउडर मिलता था, अब उतने पैसों में पांच किलो मिलेगा। इससे ग्राहक ज्यादा सामान खरीदेगा और बाजार में रौनक बढ़ेगी। जब मांग बढ़ेगी तो स्वाभाविक रूप से हमारी बिक्री भी बढ़ेगी। यह मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए भी किसी राहत भरे बजट से कम नहीं है।
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खुदरा कारोबार को मिलेगी नई ताकत

जम्मू शहर में रेस्टोरेंट चलाने वाले खुदरा व्यापारी दीपक अग्रवाल ने कहा कि सरकार का यह कदम लंबे समय से चली आ रही समस्या को हल करने वाला है। पुराने टैक्स ढांचे में ऐसी असमानताएं थीं जो खुदरा कारोबारियों के लिए हमेशा सिरदर्द बनी रहती थीं। उदाहरण के तौर पर अगर आप घी लगी रोटी परोसते तो उस पर 18 प्रतिशत कर लगता था, जबकि बिना घी की रोटी पर उससे कम। यह फर्क ग्राहकों को भी खटकता था और कारोबारियों को भी नुकसान पहुंचाता था। अब इन असमानताओं का अंत होगा। इससे व्यापारी ज्यादा निश्चिंत होकर काम कर पाएंगे और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
बाहर से आने वाले लोग हमारे प्रदेश की सेवाओं और सामान को अब अधिक किफायती पाएंगे। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों की आमदनी पर होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उम्मीद है कि ऑनलाइन बिक्री से भी हम मुकाबला कर सकें।


स्टेशनरी कारोबारियों को भी राहत

शहर के पुरानी मंडी चौक में स्टेशनरी की दुकान चलाने वाले शिवांग गुप्ता का कहना है कि जीएसटी में आई कटौती से उनके कारोबार को नई गति मिलेगी। किताबें, कॉपियां, पेन-पेंसिल हर वर्ग के छात्रों लिए जरूरी होते हैं। पहले इन पर 12 प्रतिशत तक जीएसटी लगता था, जो अब घटकर पांच प्रतिशत रह गया है। इससे कीमतों में सत्ता प्रतिशत तक की गिरावट आई है। जैसे पहले 200 रुपये की किताब का सेट अब लगभग 186 रुपये में मिल जाएगा। इससे छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। जब ग्राहक ज्यादा सामान खरीदेंगे तो स्वाभाविक है कि दुकान की बिक्री भी बढ़ेगी। शिक्षा से जुड़ा हर सामान किफायती होना चाहिए और सरकार का यह कदम उसी दिशा में है।
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निर्माण क्षेत्र को भी मिलेगा फायदा

सीमेंट कारोबारी मदन सिंह ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती से निर्माण क्षेत्र को बड़ा लाभ होगा। सीमेंट पर पहले 28 प्रतिशत कर लगता था, जिसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे एक बैग सीमेंट की कीमत में औसतन 40 से 50 रुपये तक की कमी आई है। पहले जो बैग 420 रुपये का मिलता था, अब वही 370-375 रुपये में उपलब्ध होगा। इससे घर बनाने वाले लोगों की जेब पर बोझ कम होगा और सीमेंट की मांग में तेजी आएगी। उनका कहना है कि जब लोग घर बनाएंगे तो उनसे जुड़े अन्य कारोबारियों को भी काम मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बाजार में रौनक लौटेगी।
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