श्रीनगर में आयोजित जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन जीएसटी की दरों को आगामी एक जुलाई से लागू किए जाने की संस्तुति की गई। इस क्रम में टैक्स स्लैब को 5,12,18 और 28 फीसदी के चार हिस्सों में बांटा गया है।
बैठक के बाद श्रीनगर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की 15वीं बैठक अब आगामी 3 जून को आयोजित की जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में हुए फैसले के अनुसार शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टरों को टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
इन सेवाओं के अतिरिक्त अन्य सभी सेवाओं पर टैक्स की दरों को 4 स्लैब में बांटा गया है। इस क्रम में ट्रांसपोर्ट सर्विसेज पर टैक्स की दरें 5 फीसदी होंगी। इसके साथ ही रेलवे और हवाई यातायात पर भी 5 फीसदी की टैक्स दरें चार्ज की जाएंगी। गैर एसी ट्रेन यात्रा को छूट दी जाएगी और एसी यात्रा टिकट पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा। मेट्रो, स्थानीय रेलगाड़ी में धार्मिक यात्रा, हज यात्रा सहित सभी को जीएसटी से छूट रहेगी। टेलीकाम और वित्तीय सेवाओं के क्रम में फोन के बिल पर 18 फीसदी की टैक्स दरें लगाई जाएंगी।
सोने पर टैक्स 3 जून को होगा निर्धारित
अरुण जेटली
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वित्त मंत्री ने कहा कि गैर-एसी रेस्तरां खाद्य बिल पर 12 फीसदी जीएसटी का शुल्क लेंगे। एसी रेस्तरां और शराब लाइसेंस वाले लोगों के लिए टैक्स दर 18 फीसदी होगी, जबकि पांच सितारा होटल में 28 फीसदी जीएसटी लगेगा।
यानी टूरिज्म सेक्टर में आम आदमी को थोड़ी राहत देते हुए 1000 रुपये से कम के टैरिफ वाले होटलों को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है, जबकि 1000-2500 रुपये के टैरिफ वाले होटलों पर 12 फीसदी, 2500-5000 रुपये के टैरिफ वाले होटलों पर 18 फीसदी और 5000 रुपये से ऊपर के टैरिफ वाले होटलों से 28 फीसदी टैक्स लिया जाएगा।
हवाई यात्रा को बढ़ावा देने की कोशिश में सरकार के कदम के तहत इकॉनमी क्लास में हवाई यात्रा पर 5 प्रतिशत और बिजनेस क्लास में यात्रा पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। इसके साथ ही ओला और ऊबर जैसी टैक्सी सर्विसेज पर टैक्स की दरें 5 फीसदी होंगी। लॉटरी पर कोई कर नहीं होगा।
जीएसटी की श्रीनगर में हुई दो दिवसीय बैठक में सोने पर फैसला नहीं हो पाया है। सोने पर कितना टैक्स लगेगा, इस पर 3 जून को होने वाली जीएसटी काउंसिल की 15वीं बैठक में विचार किया जाएगा।