अमर उजाला ब्यूरोजम्मू। जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) के भुगतान में देरी से कर्मचारियों में रोष है। सेवानिवृत्त और सेवारत कर्मचारी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। कर्मियों के अनुसार छह माह या इससे अधिक समय से मामलों का निपटान नहीं किया जा रहा है, जिससे जरूरी काम रुक गए हैं। ट्रेजरी में सचिवालय से राशि जारी न करने का तर्क दिया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने बताया कि जीपीएफ भुगतान में देरी के कारण अपना ही पैसा समय पर न मिलने से कर्मचारी परेशान हैं। कर्मचारियों ने नाम न छापने पर बताया कि उनके यहां किसी की शादी है तो कोई घर बना रहा है। ऐसे में राशि जारी न होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। अब शुक्रवार को पीएचई यूनियन कार्यालय, रेलवे स्टेशन के निकट प्रदेश स्तर के कर्मचारियों की जम्मू कश्मीर इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन फोरम की आपात बैठक बुलाई गई है। वहीं, जम्मू कश्मीर गवर्नमेंट फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रधान भारत भूषण भगत ने बताया कि खासतौर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी जीपीएफ फंड पर निर्भर होता है, लेकिन फंड में लगातार हो रही देरी से कर्मचारी हताश हैं। उप राज्यपाल हस्तक्षेप कर उच्चाधिकारियों को फंड जारी करने के लिए दिशा निर्देश दें। जम्मू कश्मीर ओटी टेक्नीशियन इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रधान जसविंदर सिंह ने कहा कि पिछले साल भुगतान मामलों का 15 दिन या एक माह में निदान कर दिया था, लेकिन इस साल कई महीनों बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा।