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बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए उपमुख्यमंत्री ने कहा...

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सितंबर 2014 में रियासत में आई बाढ़ के दौरान हिमस्खलन, बारिश से हुए जानी नुकसान पर विधानसभा में रिपोर्ट रखते हुए उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने कहा कि प्रभावित लोगों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। सदन में विशेष चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में जोरदार बारिश और कुछ नदियों के जलस्तर में उफान आने के तुरंत बाद सरकार ने आपदा से निपटने के लिए कदम उठाए।
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लोगों की जान बचाने के अलावा ढांचे को भी बचाया गया। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम भेजी, जिसने राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश से लोगों के हुए नुकसान और खासकर किसानों की नष्ट हुई फसल का सर्वे किया जा रहा है।

पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद रियासती सरकार केंद्र के समक्ष मुआवजा प्रदान करने का मामला रखेगी। अथारिटी को कम से कम समय में रिपोर्ट मुकम्मल करने को कहा गया है। प्रभावितों को तत्काल मदद देने के लिए सरकार ने कश्मीर के डिवकाम को 25 करोड़ रुपये और जम्मू के डिवकाम को दस करोड़ रुपये जारी किए हैं।
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सितंबर की आपदा के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने केंद्र के समक्ष 44 हजार करोड़ रुपये को भेजा था, ताकि सार्वजनिक ढांचे और मृतकों के परिवार वालों को आर्थिक मदद दी जा सके। पहली किश्त में केंद्र ने 426 करोड़ रुपये भेजे हैं।

बाढ़ और बारिश से नुकसान पर सदन में हंगामा

बाढ़ और बारिश से हुए नुकसान और राहत कार्य में सरकार की विफलता के मुद्दे पर विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष ने भारी हंगामा किया। कांग्रेस के सदस्यों ने वेल में आकर सरकार पर आरोप लगाए। बाद में नेशनल कांफ्रेंस के सदस्यों ने भी अपने स्थान पर खड़े होकर सरकारी मिशनरी के फेल होने के आरोप मढ़े। विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल बाधित हुआ।

स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने विपक्षी सदस्यों से स्थान पर जाने का अनुरोध किया, लेकिन विपक्षी सदस्य इसे अनसुना करते हुए शोरगुल करते रहे। स्पीकर द्वारा इस मुद्दे पर अलग से एक घंटे कि बहस के आश्वासन के बाद विपक्षी सदस्य शांत हुए और प्रश्नकाल में कार्यवाही चल पाई। नेशनल कांफ्रेंस के सदस्य अली मोहम्मद सागर ने कहा कि जनता बाढ़ और बारिश से लगातार नुकसान झेल रही है।

सरकार चुप बैठी है और मंत्री फोटो खिंचवाने में मशगूल हैं। पीड़ितों को राहत देने में सरकार विफल रही है। उन्होंने कहा कि नेकां-कांग्रेस की सरकार ने केंद्र के पास 44 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वर्तमान सरकार उसे भी हासिल करने में विफल रही है। नेकां के देवेंद्र राणा ने सवाल किया कि जब केंद्र में भी भाजपा की ही सरकार है, तब भी रियासत की भाजपा-पीडीपी सरकार विशेष पैकेज क्यों हासिल नहीं कर पा रही है।

कांग्रेस सदस्य उस्मान मजीद और विकार रसूल समेत अन्य सदस्य वेल में आकर हंगामा करने लगे। कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि चिनाब वैली में बारिश से सड़कें तबाह हुईं हैं। मकानों को नुकसान हुआ है। लोग भूस्खलन में तबाह हो रहे हैं। कई इलाकों का संपर्क कट गया है। स्पीकर के आश्वासन के बाद विपक्षी सदस्य शांत हुए।

नेकां का विधानसभा से वाकआउट

नेकां का वाकआउट
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सरकार से उत्तर नहीं मिलने के विरोध में नेकां सदस्यों ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में विधानसभा से वाकआउट किया। नेकां सदस्य मियां अल्ताफ ने भूस्खलन से तबाही के मुद्दे पर राजस्व मंत्री का ध्यान खींचा था। उन्होंने कहा कि कंगन क्षेत्र में रामवारी में भूस्खलन से स्थिति गंभीर हो गई है। उस समय सदन में राजस्व मंत्री मौजूद नहीं थे। स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने कहा कि इस प्रस्ताव को बाद में ले लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री फिलहाल विधान परिषद के प्रश्नकाल में हैं। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री चौधरी जुल्फिकार ने कहा कि राजस्व मंत्री बाद में इस प्रस्ताव पर उत्तर देंगे। इस पर नेकां सदस्य उत्तेजित हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है। विधायक मियां अल्ताफ ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि सरकार गंभीर मुद्दे पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर उत्तर देने में विफल रही है। विरोध में नेकां सदस्य सदन से बाहर चले गए।

ड्रेनेज नेटवर्क बेहतर किया जाएगा: मंत्री
युवा, खेल और तकनीकी शिक्षा मंत्री इमरान राजा अंसारी ने विधानसभा में सूचित किया कि भारी बारिश से श्रीनगर शहर का ड्रेनेज नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गया है और इससे कई इलाकों में जलभराव हो गया। श्रीनगर नगर निगम ने हालांकि जल की निकासी के लिए तत्काल प्रयास किए और कम समय में 74 स्थायी डीवाटरिंग पंप लगाए गए।

विधायक नूर मोहम्मद शेख के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि 530 करोड़ की लागत से 229 ड्रेनेज स्कीम की योजना है। इसमें से श्रीनगर में 94 में काम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार श्रीनगर का ड्रेनेज नेटवर्क दुरुस्त कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी विपदा का सामना न करना पड़े।
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पानी निकालने पंपों के लिए 33 करोड़

राजस्व मंत्री जावेद मुस्तफा ने सोमवार को विधान परिषद में नेकां सदस्य डा. बशीर वीरी के ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि रियासत में हालही में हुई बारिश और बर्फबारी से लोगों को काफी नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि सरकार को भी इसका काफी दुख है। समय पर लोगों को राहत और जल भराव वाले इलाकों से पानी को निकालने के लिए 33 करोड़ की राशि विश्व बैंक की फंडिंग से रखी गई है।

उन्होंने कहा कि श्रीनगर गर निगम की ओर से 76 स्थायी डी वाटरिंग स्टेशन बनाये गए हैं ताकि जल्द जल भराव वाले इलाकों से पानी निकाला जा सकें।
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