राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान से कश्मीर में ‘कुछ बड़ा होने वाला है’ संबंधी अफवाहों को और हवा मिली है। इस बयान के मायने निकाले जाने लगे हैं। कश्मीर केंद्रित पार्टियों नेकां और पीडीपी ने इस बयान को 35-ए से छेड़छाड़ किए जाने से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा ताकि घाटी में पैदा हुए डर और खौफ के माहौल का पटाक्षेप हो सके। दरअसल मलिक ने शनिवार को पत्रकारों से कहा था कि कुछ भी छिपाकर नहीं होगा, संसद सत्र तीन-चार दिन और चलना है, तब तक इंतजार कीजिए। मुझे कल का तो पता नहीं पर आज सब कुछ सुरक्षित है।
जम्मू-कश्मीर में पिछले एक पखवाड़े से सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती से अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। अतिरिक्त तैनाती के साथ ही अमरनाथ यात्रा को रोके जाने, घाटी से पर्यटकों को वापस भेजने, एनआईटी को बंद करने, जम्मू संभाग में मचैल तथा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा को स्थगित किए जाने जैसे फैसलों ने डर और खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।
राज्यपाल खुद चार बार लोगों को आश्वस्त कर चुके हैं कि डरने जैसी कोई बात नहीं है। केवल सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त बलों की तैनाती की जा रही है जो नियमित प्रक्रिया है। लेकिन पाकिस्तान की ओर से अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाए जाने की साजिश का खुलासा होने के बाद यात्रा स्थगित किए जाने का फैसला लोगों को हजम नहीं हो रहा है। क्योंकि पहले भी अमरनाथ यात्रियों पर आतंकियों ने हमले किए हैं और उसके बावजूद यात्रा चलती रही थी।