फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

J&K: कश्मीर में ब्लैक कमांडो की तैनाती का प्रस्ताव नहीं, गंभीर स्थिति में होगी बात: राज्यपाल मलिक

Fri, 19 Oct 2018 01:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
विज्ञापन
सत्यपाल मलिक - फोटो : फाइल
विज्ञापन
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो को आतंकवाद निरोधक अभियानों में लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। साफ किया कि यह विशेष प्रशिक्षित फोर्स केवल गंभीर तथा खराब हालात में ही लगाई जाएगी। आतंकवाद निरोधक अभियानों में पुलिस, सेना तता सीआरपीएफ बेहतर काम कर रही है। इस वजह से एनएसजी को इसमें लगाने की आवश्यकता नहीं है। वे एक न्यूज एजेंसी से बात कर रहे थे।
विज्ञापन

 
राज्यपाल ने यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष एनएसजी की तैनाती का कोई प्रस्ताव है तो उन्होंने कहा कि हाल ही में एनएसजी प्रमुख ने उनसे मुलाकात की थी। एनएसजी को आतंकवाद निरोधक अभियानों में लगाने की बात सरासर गलत है। वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है जिसमें इस विशेष प्रशिक्षित फोर्स की जरूरत पड़े। यदि कभी हालात गंभीर से गंभीर होते हैं तो केंद्र की सलाह से एनएसजी से आग्रह किया जा सकता है।

यह पूछे जाने पर कि घाटी में कुछ एनएसजी कमांडो की तैनाती की गई है तो राज्यपाल ने कहा कि वे ट्रेनिंग के लिए आए हैं। पुलिस को भी ट्रेनिंग दी जा रही है, लेकिन आतंकवाद निरोधक अभियानों में उनकी कोई भूमिका नहीं है। ज्ञात हो कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में तेलंगाना में एनएसजी के एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार योजना बना रही है कि देश में सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए एनएसजी का कैसे इस्तेमाल किया जाए। क्योंकि एनएसजी कमांडो की आतंकियों की ओर से लोगों को बंधक बनाए जाने के मामले में बड़ी भूमिका रही है।
विज्ञापन


केंद्र कश्मीर में भी बढ़ती आतंकी घटनाओं की वजह से एनएसजी की तैनाती पर विचार कर रही है। एनएसजी 26/11 के मुंबई हमले, जनवरी 2016 के पठानकोट एयर बेस हमले तथा गुजरात के अक्षरधाम मंदिर हमले में भूमिका निभा चुकी है।
विज्ञापन

शांतिपूर्ण निकाय चुनाव के लिए पुलिस बधाई की हकदार

राज्यपाल ने कहा कि सेना सीमाओं पर घुसपैठ को रोकने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही है। लेकिन जम्मू कश्मीर पुलिस काफी बहादुरी से लड़ रही है। बिना उनके सहयोग के घाटी में स्थिति सामान्य नहीं हो सकती। राज्य में निकाय चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गए। इसके लिए केंद्र ने उन्हें बधाई दी, लेकिन बधाई की असली हकदार राज्य पुलिस है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें