जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि उनका कोई पॉलिटिकल एजेंडा नहीं है। वह यहां राजनीतिज्ञों को संतुष्ट करने के लिए नहीं हैं। उनका मैनडेट विकास तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। महबूबा और उमर का नाम लिए बगैर कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने प्रोटोकाल को तोड़ते हुए उनके घर चाय पी है।
अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के दौरान बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि घाटी के हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उनकी नजरों में हालत सामान्य हैं। कश्मीर के बारे में नेशनल मीडिया में नकारात्मक प्रचार पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि पंचायत तथा निकाय चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गए। किसी चिड़िया को खरोंच तक नहीं पहुंची।
लेकिन यह नेशनल मीडिया की सुर्खियों से गायब रहा, यदि किसी को चोट भी पहुंचती तो यह खबरों में रहता। कश्मीर में बहुत कुछ अच्छा हो रहा है, लेकिन वह मीडिया में स्थान नहीं पाता है। कहा कि वह बिहार में राज्यपाल रहे हैं और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इस वजह से वह यह दावे के साथ कह सकते हैं कि यहां के हालात अन्य राज्यों से काफी बेहतर हैं। घाटी में हो रहे फुटबाल मैच में 25 हजार की भीड़ उमड़ रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान पर उन्होंने कहा कि पूरा प्रशासन भ्रष्टाचार की समाप्ति में जुटा हुआ है। एंटी करप्शन ब्यूरो का गठन किया गया है। कुछ लोग शिकंजे में आए हैं। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। कश्मीर में जितना पैसा केंद्र से आया है यदि उसका सही ढंग से उपयोग हुआ होता तो आज कश्मीर सोने का होता।
पुंछ-राजोरी में बंकर निर्माण जल्द
पुंछ और राजोरी में बंकर निर्माण में देरी पर कहा कि यह काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। कास्ट बढ़ने के कारण इसमें देरी हो रही थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय से तीन दिन पहले ही इसकी मंजूरी मिली है।