सचिवालय, कर्मचारियों के क्वार्टर, प्रमुख बाजार, मंदिर, चौक-चौराहे, सीएम आवास, राजभवन सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर स्थित सचिवालय में सरकारी कार्यालय 31 अक्तूबर की शाम को बंद करने के बाद दो नवंबर की शाम तक करीब पांच हजार अधिकारी और कर्मचारी जम्मू पहुंच चुके हैं। गृह विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दोनों जगह मौजूद रहेंगे। लगभग सभी दफ्तरों में डिजिटल व्यवस्था लागू होने से सिर्फ जरूरी फाइलों को ही वाहनों से लाया गया है।
करीब एक दर्जन ट्रक व अन्य वाहनों से दस्तावेज व अन्य सामान रविवार की देर शाम सचिवालय पहुंचे। दूसरी तरफ अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने के लिए ओल्ड बीसी गवर्नमेंट क्वार्टर समेत अन्य आवासीय भवनों का रंग-रोगन जारी है। परिसर में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई की जा रही है।
चमकने लगी सचिवालय और सीएम आवास की सड़क
दरबार के जम्मू आने का असर बुनियादी सुविधाओं पर भी दिखने लगा है। अभी सप्ताह भर पहले नागरिक सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास की तरफ जाने वाली टूटी-फूटी सड़क को रविवार की शाम तक पूरी तरह नया बना दिया गया। दर्जनों मजदूरों के साथ अधिकारी खुद मौके पर डटे रहे। जीएमसी, सचिवालय, रेजीडेंसी रोड, हरि मार्केट सहित आस-पास के सभी प्रमुख मार्गों के डिवाइडर और फुटपाथों को काले और सफेद रंग से रंगा गया। जेब्रा क्रॉसिंग को सही किया गया। काफी दिनों से बंद विवेकानंद चौराहे पर लगा फव्वारा भी चलने लगा है। इसके अलावा बिक्रम चौक, बाहु प्लाजा, रेलवे स्टेशन रोड और बीसी बस स्टैंड रोड को भी दुरुस्त कर दिया गया है। गड्ढों को भरने के साथ ही ट्रैफिक लाइट ठीक कर दी गई है।
पेड़-पौधों की हुई कटाई-छंटाई
वाहनों को सचिवालय आने-जाने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए मेन गेट के साथ ही चौराहे पर मौजूद पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई की गई। रविवार की देर शाम तक पूरे इलाके में बिजली के ढीले तारों को कसने का काम जारी रहा। आस-पास मौजूद अतिक्रमण हटाए गए, जबकि ट्रैफिक पुलिस पूरे दिन सड़क किनारे खड़े वाहनों को तत्काल हटाने की सलाह देने के साथ-साथ चालान करने की चेतावनी भी देती रही। लाउडस्पीकरों के जरिए लोगों को बताया जा रहा था कि वे सचिवालय और मुख्यमंत्री आवास की तरफ जाने वाले मार्ग पर कोई वाहन न खड़ा करें।
ये प्रमुख विभाग होंगे संचालित, एलजी दोनों जगहों से करेंगे काम
मुख्यमंत्री सचिवालय सहित सिविल सचिवालय के सभी विभाग, जिसमें राजस्व, वन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, तकनीकी शिक्षा बोर्ड, परिवहन आयुक्त और कस्टोडियन जनरल जैसे 38 अन्य विभागों के प्रमुखों के कार्यालय जम्मू स्थानांतरित हो गए हैं। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा दोनों जगहों यानी जम्मू और श्रीनगर से काम करते रहेंगे। उपराज्यपाल कार्यालय से संबद्ध गृह विभाग अंतर्गत पुलिस मुख्यालय, जेल मुख्यालय, अभियोजन निदेशालय, पुलिस आवास निगम, मुख्यालय होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला निदेशालय, सैनिक कल्याण विभाग निदेशालय और रक्षा श्रम खरीद निदेशालय जम्मू और कश्मीर में पूर्व की भांति दोनों जगहों पर काम करते रहेंगे।
जीएमसी में जनरल वार्ड से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक अलर्ट पर
दरबार मूव के तहत काफी संख्या में कर्मचारी परिवार समेत रविवार की शाम तक श्रीनगर से जम्मू पहुंच गए। उनके स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी अपने स्तर से प्रबंध कर लिया है। प्राचार्य डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आम दिनों में भी मेडिकल कॉलेज व इसके अधीन अस्पतालों में चिकित्सकीय स्टाफ व उपकरणों को बेहतर स्थिति में रखा जाता है। दरबार मूव के तहत आए अधिकारियों, कर्मचारियों व आमजन को कोई असुविधा नहीं होगी। मेडिकल स्टाफ, पैरा मेडिकल स्टाफ, तकनीशियन समेत अन्य सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। प्राचार्य ने बताया कि हड्डी, नेत्र, ऑपरेशन थियेटर, एक्स-रे, सिटी स्कैन मशीनों की स्थिति बेहतर है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। मेडिकल कॉलेज में शहर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं।
घर से सचिवालय तक छोड़ेंगी जेकेआरटीसी की बसें
अगले छह महीने तक कर्मचारियों को परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए जेकेआरटीसी ने भी तैयारी कर ली है। जीएम ऑपरेशन अजय सलान के मुताबिक कर्मचारियों को उनके आवास से सचिवालय पहुंचाने और वहां से घर तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। उच्च अधिकारियों की मांग पर अन्य रूटों पर भी पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान की जाएगी।
कोविड में स्थगित हुई थी परंपरा
कोरोना काल 2021 में स्थगित हुई थी दरबार मूव की परंपरा। कोविड की दूसरी लहर के दौरान 15 अप्रैल 2021 को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए दरबार मूव को स्थगित करने का निर्णय लिया था। इस दौरान स्पष्ट किया गया था कि सचिवालय श्रीनगर और जम्मू दोनों जगहों पर काम करेगा और दो सचिवों के बीच समान रूप से विभाजित कर्मचारी दोनों जगहों से समान रूप से काम करेंगे। सरकार का कामकाज प्रभावित नहीं होगा क्योंकि ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर का उपयोग करके फाइलें सचिवालयों के बीच इलेक्ट्रॉनिक रूप से चलेंगी। इसके बाद से ही दरबार मूव स्थगित था।