रियासत में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी। राज्यपाल एनएन वोहरा ने विजिलेंस को निर्देश दिए हैं कि भ्रष्टाचार के मामले में बिना किसी डर और सिफारिश के आगे बढ़ें और लंबित मामलों को त्वरित गति से निबटाएं। यह हिदायत उन्होंने विजिलेंस निदेशक मुनीर खान को दी, जो उनसे विभागीय कामकाज की जानकारी देने के सिलसिले में वीरवार को मिले।
खान ने राज्यपाल को बताया कि विभाग के पास 265 मामलों की कार्रवाई लंबित है। इनमें संबंधित विभागों की ओर से मामलों का रिकार्ड न देना, जांच, चालान पेश करने को लेकर हाईकोर्ट की ओर से मिले स्टे आर्डर और ट्रायल कोर्ट में प्रोसीडिंग में देरी प्रमुख कारण हैं।
एंटी करप्शन कोर्ट में पीओ कार्यालय में स्टाफ की कमी भी है। 2013 एक्ट 2011 से मेल नहीं खाता। इन तमाम कारणों से मामलों में देरी हो रही है।
राज्यपाल ने खान को कहा कि उन्हें लगता है कि इस मामले को लेकर उन्हें मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए, लेकिन वह बेखौफ इन मामलों को लेकर जांच तेज करें। राज्यपाल ने पहले मामलों के लंबित रहने पर चिंता जताई थी। इसके बाद से विजिलेंस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।
भ्रष्टाचार में नौ मुलाजिमों पर मुकदमे की मंजूरी
गवर्नर एनएन वोहरा
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राज्य सरकार ने जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 5 (2) के तहत दंडनीय अपराधों में लिप्त नौ सरकारी मुलाजिमों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।
इनमें पीएचई बारामुला डिवीजन के तत्कालीन जूनियर असिस्टेंट खजीर मोहम्मद वार, तत्कालीन एएओ मोहम्मद शफी बोलाकी, तत्कालीन फिटर राजिंदर सिंह, तत्कालीन जूनियर असिस्टें नजीर अहमद गनेई, पीएचई सोपोर के तत्कालीन खलासी हफीजुल्ला मीर, टंगमर्ग एफबीआई डिवीजन के तत्कालीन बिल क्लर्क मोहम्मद अमीन बाल्की, तत्कालीन बिल क्लर्क फारूक अहमद वानी व तत्कालीन बिल क्लर्क अब्दुल रशीद, मंडी (पुंछ) तहसील कार्यालय के क्लर्क मोहम्मद सलीम, आरएस पुरा थाने के तत्कालीन एएसआई कुलबीर सिंह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी का आदेश जारी किया गया है।