भले ही सरकार ने पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है, लेकिन अब भी हुर्रियत कांफ्रेंस के 11 नेता सरकारी सुरक्षा कवर में है। राज्य सरकार ने पिछले दिनों विधानसभा में जानकारी दी थी कि हुर्रियत कांफ्रेंस के कुल 15 नेताओं को सुरक्षा मुहैया करवाई गई है।
इनमें आगा सईद हसन मौलवी, मौलवी उमर फारूक, प्रो. अब्दुल गनी भट, मौलवी अब्बास अंसारी, बिलाल गनी लोन, फजल हक कुरैशी, मोहम्मद यासीन मालिक, सलीम गिलानी, जफर अकबर भट, शाहिद उल इस्लाम, अब्दुल गनी शाह, आगा सईद हुसेन, फारूक अहमद किचलू और मसरूर अब्बास अंसारी शामिल है। इनके अलावा अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को भी सुरक्षा मुहैया करवाई गई है।
राज्य विधानसभा में पूर्व विधायक पवन गुप्ता के सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लिखित में जानकारी दी थी कि 14 हुर्रियत नेताओं के सुरक्षा कवर पर 2008 से 2017 तक 10.86 करोड़ की राशि खर्च हुई है।
2015 में मौलवी उमर फारूक के सुरक्षा कवर पर 34,49,058 लाख, 2016 में 36,18,247 लाख और 2017 में 37,93,254 लाख की राशि खर्च हुई। प्रो. अब्दुल गनी भट की सुरक्षा में 2.15 करोड़ और आगा सईद हुसेन मौलवी, मौलवी अब्बास अंसारी और बिलाल गनी लोन की सुरक्षा में एक करोड़ की राशि खर्च की गई।