राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार फारूक खान ने कहा कि सरकार घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित वापसी और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। कश्मीरी विस्थापितों के शेष 3000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया और घाटी में सेवारत कश्मीरी विस्थापित कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट आवास के निर्माण की उम्मीद की गई है। घाटी में कश्मीरी विस्थापितों की वापसी केवल कश्मीर के नागरिक समाज सहित सभी हितधारकों के समर्थन और सहयोग से संभव है।
खान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा की गई नई व्यवस्थाओं में जम्मू, कश्मीर, कारगिल और लद्दाख के लोगों के लिए विकास की नई राह खुली है। लद्दाख के लोगों की लंबित केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के गठन की मांग पूरी हो गई है। सरकार ने सफल निकाय, पंचायती चुनाव करवाए। जम्मू में बुनियादी ढांचे के विकास पर पानी और बिजली क्षेत्र, आयुष्मान भारत, मनरेगा, सौभाग्य, पीएमजीएसवाई, पीएमएवाई, बीबीबीपी जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं सहित विभिन्न सुस्त और लंबित परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। नए डिग्री कॉलेज खोलने के अलावा स्कूलों और विभिन्न न्य योजनाओं का उन्नयन तेजी से हो रहा है।
बताया कि नए जनरल बस स्टैंड जम्मू, गर्ल्स हास्टल, डिग्री कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, कोट भलवाल में 100 बिस्तर वाले अस्पताल, एम्स, जम्मू-अखनूर 4 लेन, जम्मू रिंग रोड और कई अन्य प्रतिष्ठित परियोजनाओं पर काम जोरों पर है। राज्य की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने और जम्मू, कश्मीर तथा लद्दाख को अनुकूल निवेश के रूप में प्रदर्शित करने के लिए 12 से 14 अक्टूबर 2019 को पहली बार जम्मू और कश्मीर निवेश शिखर सम्मेलन 2019 का आयोजन किया जा रहा है।