जम्मू। सरकारी डिग्री कॉलेजों में यूजी दाखिले की पहली अलॉटमेंट सूची जारी होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिन विद्यार्थियों को कॉलेज और विषय आवंटित हुआ है उन्हें अब तय समय के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। साथ ही विभाग ने सीट कन्फर्मेशन, अपग्रेडेशन, पसंद में बदलाव और माइनर विषय के चयन को लेकर भी जानकारी दी है।
विभाग के अनुसार सीट पाने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद छात्र सीट पक्की कर सकते हैं। 1,000 रुपये अपग्रेडेशन शुल्क देकर अगले राउंड में ऊंची प्राथमिकता वाले कॉलेज या विषय के लिए दावा कर सकते हैं। केवल अपग्रेडेशन का विकल्प चुनने वाले छात्रों को कॉलेज में रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं होगी। जो छात्र सीट कन्फर्म करेंगे उन्हें आठ से 10 जून के बीच आवंटित कॉलेज में जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा और प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय के भीतर जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवंटित सीट रद्द हो सकती है।
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12 को जारी होगी दूसरे राउंड की सूची
पहले राउंड में सीट नहीं पाने वाले छात्रों को एक और अवसर दिया गया है। ऐसे छात्र आठ से 10 जून तक पसंद में बदलाव कर सकेंगे और नए कॉलेज या कोर्स भी जोड़ सकेंगे। विभाग ने छात्रों को अधिक कॉलेजों और कार्यक्रमों को अपनी पसंद में शामिल करने की सलाह दी है ताकि दूसरे राउंड में सीट मिलने की संभावना बढ़ सके। दूसरे राउंड की अलॉटमेंट सूची 12 जून को जारी होगी। इसके बाद चयनित छात्रों को 13 से 19 जून तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बची हुई सीटों के लिए 21 से 25 जून तक स्पॉट राउंड होगा। जिन छात्रों ने पंजीकरण नहीं कराया है उन्हें भी स्पॉट राउंड में खाली सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा।
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ओरिएंटेशन में बताई जाएंगी एनईपी की खास बातें
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार माइनर विषय का अंतिम आवंटन स्पॉट राउंड पूरा होने के बाद मेरिट के आधार पर किया जाएगा। दाखिला लेने के बाद छात्र कॉलेज में उपलब्ध माइनर विषयों की जानकारी लेकर पोर्टल पर पसंद दर्ज कर सकेंगे। मेरिट के आधार पर माइनर विषय आवंटित किए जाएंगे। दाखिले के बाद कॉलेजों में इंडक्शन और एनईपी-2020 ओरिएंटेशन कार्यक्रम होंगे। छात्रों को तीसरे सेमेस्टर में मेजर और माइनर बदलने का अवसर मिलेगा। ओरिएंटेशन कार्यक्रम में चार वर्षीय यूजी कार्यक्रम, क्रेडिट आधारित पढ़ाई, मल्टीपल एग्जिट और री-एंट्री जैसी व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों के लिए सीधे पीएचडी में प्रवेश की पात्रता का रास्ता भी खुल सकता है।