मेडिकल कालेज अस्पताल प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम पर कोई अमल नहीं होने पर सोमवार को जूनियर डाक्टर शाम चार बजे के बाद हड़ताल पर चले गए। इसकी वजह से इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित रहीं।
प्रशासन ने हड़ताल को देखते हुए सीनियर डाक्टरों और कंसलटेंट को ड्यूटी पर तैनात किया है। आए दिन तीमारदारों और डाक्टरों के बीच झड़प की घटनाओं पर डाक्टरों ने हड़ताल की है। सुरक्षा की मांग पर अड़े डाक्टरों ने तीन दिन पहले प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था।
रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल कर रहे जूनियर डाक्टरों की हड़ताल लंबी चलने पर ओपीडी सहित कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले चोपड़ा नर्सिंग होम में तीमारदारों की मारपीट को डाक्टरों ने गंभीरता से लिया।
आरडीए के पदाधिकारी डा. नीरज शर्मा ने कहा कि फरवरी माह में तीमारदारों के डाक्टरों से अभद्र व्यवहार और मारपीट की तीन घटनाओं में चार एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इनमें एक वकील भी शामिल है।
इसके बावजूद जीएमसी प्रशासन डाक्टरों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने में विफल रहा है। यहां तक कि डाक्टरों पर दबाव बनाने के लिए वकीलों ने उनके खिलाफ ही एफआईआर लगवा दी। जब तक उनको सुरक्षा नहीं दी जाती और वकील अपना मामला वापस नहीं लेते, तब तक हड़ताल पर रहेंगे।