जम्मू। जीएमसी जम्मू में आने वाले कैंसर मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। अब उन्हें रेडिएशन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऑन्कोलॉजी (कैंसर) विभाग में चार करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक रेडिएशन थेरेपी टेलीकोबाल्ट मशीन स्थापित की गई है। यह मशीन प्रतिदिन 80 से अधिक मरीजों को रेडिएशन इलाज करने में सक्षम है। इसे आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में ही निर्मित किया गया है। इससे पहले 20 साल पुरानी रेडिएशन मशीन से 20 से 30 मरीजों को ही इलाज मिल पा रहा था।
जीएमसी के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि हर साल कैंसर के नए मामलों में इजाफा हो रहा है। पुरुषों और महिलाओं में विभिन्न तरह के कैंसर पनप रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में कैंसर मरीजों को रेडिएशन थैरेपी की जरूरत होती है। ऑन्कोलॉजी विभाग में करीब 20 साल पुरानी मशीन की जगह अत्याधुनिक नई मशीन शुरू होने से रेडिएशन मरीजों को राहत मिलेगी। यह मशीन पूरी तरह से उच्च स्तर की सटीकता के साथ डिजिटल रूप से संचालित होती है। सभी नियंत्रण एक ही टैबलेट में दिए गए हैं, जिसे उपचार टीम से संचालित किया जाता है। इस मशीन में अधिक सटीकता के लिए विकिरण क्षेत्रों को आकार देने की क्षमता भी होगी।
इसी तरह राज्य कैंसर संस्थान में शीघ्र पैट स्कैन मशीन को शुरू करने की योजना है। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर, लीनियर एक्सेलेरेटर, सीटी सिम्युलेटर जैसी अन्य सुविधाएं जल्द ही कार्यात्मक होंगी। इससे जम्मू में एक ही छत के नीचे निवारक ऑन्कोलॉजी, विकिरण ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, कैंसर पुनर्वास आदि जैसी व्यापक कैंसर देखभाल सुविधाएं होंगी। नई स्थापित मशीन को हाल ही में परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से मंजूरी दी गई है। इस मशीन का नाम देश के अग्रणी परमाणु वैज्ञानिक डॉ. होमी भाबा के नाम पर रखा गया है। इस दौरान डॉ. राहुल शर्मा आदि मौजूद रहे।