जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में काम करेगी मंत्रिपरिषद
जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में एक निर्वाचित विधानसभा और पांच वर्षो की अवधि के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद का गठन होगा।
केंद्र शासित लद्दाख को नियंत्रित करेगा गृह मंत्रालय
केद्र शासित प्रदेश लद्दाख को सीधे लेफ्टिनेंट गवर्नर के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में एक सामान्य उच्च न्यायालय होगा।
लोक सेवा आयोग काम करता रहेगा
लद्दाख में अधिकारियों की भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के दायरे में आएगी। जम्मू-कश्मीर में लोक सेवा आयोग राजपत्रित सेवाओं के लिए भर्ती एजेंसी के रूप में जारी रखेगा।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन
दोनों नए केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन और अन्य लाभ मिलने शुरू हो जाएंगे।
तीन रेडियो स्टेशन के नाम बदले गए
पुनर्गठन के बाद जम्मू, श्रीनगर और लद्दाख स्थित रेडियो स्टेशन के स्थानीय नाम बदल कर ऑल इंडिया रेडियो और आकाशवाणी कर दिए गए हैं।
अब नौ केंद्र शासित प्रदेश
पहली बार किसी राज्य को दो संघ शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है। अब देश में राज्यों की संख्या 28 तथा केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या नौ हो गई है।
यूटी में भी लागू होंगे राज्य के बिजनेस नियम
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुर्ववर्ती सरकारी बिजनेस नियम केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी प्रभावी रहेंगे।
लेफ्टिनेंट गवर्नर गिरीश चंद्र मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट 2019 की धारा 55 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए वीरवार को इस बारे में अधिसूचना जारी की।
अधिसूचना के अनुसार लेन-देन के बिजनेस नियम में केवल यह संशोधन किया गया हैं कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री के स्थान पर केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में लेफ्टिनेंट गवर्नर का जिक्र होगा।