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Jammu Kashmir: नोएडा में लगेगा GI फेयर, मेले में दिखेगी बसोहली चित्रकला की रंगत, ये उत्पाद भी शामिल

Sun, 14 Aug 2022 05:39 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू कश्मीर से नौ जीआई टैग उत्पाद प्रदर्शित होंगे, जबकि बसोहली चित्रकला की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। इसका उद्देश्य बसोहली चित्रकला की क्षमता को बढ़ाने के साथ इस विरासत को बढ़ावा देना है।
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बसहोली चित्रकला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट ग्रेटर नोएडा में आगामी 26 से 28 अगस्त को हो रही जीआई फेयर 2022 में बसोहली की विख्यात चित्रकारी दिखेगी। इस मेले में देशभर से करीब 300 जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन) टैग उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इसमें जम्मू कश्मीर से नौ जीआई टैग उत्पाद प्रदर्शित होंगे, जबकि बसोहली चित्रकला की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। इसका उद्देश्य बसोहली चित्रकला की क्षमता को बढ़ाने के साथ इस विरासत को बढ़ावा देना है।

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मेले में जम्मू कश्मीर से जीआई टैग उत्पादों में केसर, बासमती चावल, खतामबंद, पेपर माची, हस्तकला और हथकरघा उत्पाद, कनी शाल, सोजानी क्राफ्ट, कश्मीरी पशमीना शामिल होंगे। इसके साथ बसोहली चित्रकला की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। इसके लिए कठुआ की गैर सरकारी संस्था विश्वस्थली को चिहिन्त किया गया है। संस्था से जुड़े शक्ति पाठक और अमित शर्मा ने बताया कि बसोहली चित्रकला विश्व प्रसिद्ध है। 

इसका प्रमुख कारण इसकी चित्र कलाओं का लंबे समय तक रहना है। इसे बसोहली मनेचर आर्ट कहते हैं। इसमें गिलहरी के बालों से बने ब्रश से स्टोन रंगों से चित्रकला को तैयार किया जाता है। स्टोन रंग अधिकांश जयपुर से मंगवाए जाते हैं। यह चित्रकला बसली शीट पर बनाई जाती है, जो लंबे समय तक खराब नहीं होती है। इस चित्रकला में प्राकृतिक रंगों का भी प्रयोग किया जाता है। 
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जीआईडी देने की प्रक्रिया जारी

जम्मू कश्मीर ट्रेड प्रमोशन आर्गनाइजेशन के एमडी डॉ. देवयांश यादव ने बताया कि बसोहली चित्रकला को जीआईडी देने की प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में इस चित्रकला को शामिल करने का उद्देश्य इसे बढ़ावा देना है, ताकि देश दुनिया की इस तक पहुंच बढ़ सके। बसोहली चित्रकला स्थानीय विरासत से जुड़ी हुई है और अभी भी लोग इसे समेटे हुए हैं।

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