राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार के आयुष विभाग की ओर से 100 करोड़ की राशि से भद्रवाह में प्रस्तावित चिकित्सकीय पौधों के लिए राष्ट्रीय संस्थान को शिफ्ट करने के राज्य सरकार के प्रयासों पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को पत्र लिखा है।
आजाद की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया हैं कि जनवरी 2014 में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से चिकित्सकीय महत्व के पौधों के लिए मैत्रीपूर्ण मौसम और सघन वन क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए जम्मू कश्मीर के भद्रवाह जिले में 100 करोड़ की राशि से चिकित्सकीय पौधों के लिए राष्ट्रीय संस्थान को मंजूरी प्रदान की थी।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के कुल वन क्षेत्र का करीब चालीस फीसदी हिस्सा चिनाब घाटी में है। ऐसे में कोई हैरानी की बात नहीं है कि वहां पर चिकित्सकीय महत्व के पौधों का खजाना है।
केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने ही प्रस्तावित चिकित्सकीय पौधों के लिए राष्ट्रीय संस्थान को मंजूरी प्रदान की थी और फरवरी 2014 में रियासती सरकार को दस एकड़ जमीन इस कार्य के लिए उपलब्ध करवाने को कहा था। उसके बाद रियासत में बाढ़ और विधानसभा चुनाव के चलते इस मामले में देरी हुई।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की हैं कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि बिना देरी के लिए भद्रवाह में प्रस्तावित चिकित्सकीय पौधों के लिए राष्ट्रीय संस्थान स्थापित हो।