राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर में हालात बद से बदतर हैं। जम्मू-कश्मीर के हालात पर सर्वोच्च न्यायालय में कोई रिपोर्ट देने पर दिल्ली जाकर फैसला लिया जाएगा। कश्मीर के दौरे के दौरान मुझे स्थानीय प्रशासन ने दस फीसदी स्थानों पर ही जाने की अनुमति दी। आजाद घाटी के चार दिन के दौरे के बाद मंगलवार को जम्मू पहुंचे थे।
अनुच्छेद 370 के हटने के करीब पौने दो माह बाद आजाद को सर्वोच्च न्यायालय से छह दिन के दौरे की अनुमति मिली है। इससे पहले उन्होंने तीन बार जम्मू-कश्मीर में आने की कोशिश की, लेकिन एयरपोर्ट से उन्हें दिल्ली लौटा दिया गया।
विपक्षी नेताओं पर पाबंदियों पर आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में किसी को अपनी बात रखने की इजाजत नहीं है। आजाद ने शाम को पार्टी कैडर के अलावा अन्य लोगों से बातचीत की।
इसमें जम्मू-कश्मीर के हालात के अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। आजाद अपने छह दिन के दौरे में घाटी में श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग के बाद जम्मू में दो दिन रहेंगे। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद प्रदेश कांग्रेस के अधिकतर शीर्ष नेताओं पर पाबंदियां जारी हैं।