श्रीनगर में मंगलवार को सेना की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के साथ कोर ग्रुप की एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सेना के नॉर्दर्न कमांड के शीर्ष कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने की। इसका उद्देश्य सेना और खुफिया एजेंसियों को किसी भी परिस्थति के लिए तैयार रखना है।
इस बैठक में सेना, पुलिस, अर्धसैनिक और खुफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल ने सभी को पूरी तरह से आश्वासन दिया और सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ तैयार रहने को कहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान को भी यह संदेश दिया गया है कि वह भारत के आंतरिक मामलों में दखल न दें अन्यथा शत्रुतापूर्ण मंसूबों को नाकाम कर दिया जाएगा।
भारत सरकार के जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करने और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने का प्रस्ताव रखने के एक दिन बाद यह बैठक की गई।
उत्तरी कमान ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कहा, ‘‘उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने श्रीनगर में खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कोर ग्रुप की बैठक की अध्यक्षता की और किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण मंसूबों को नाकाम करने के लिए उच्च स्तर की तैयारी का आश्वासन दिया। वहीं जम्मू-कश्मीर में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।’’
अनुच्छेद 370 खत्म करने के संकल्प के साथ ही जम्मू-कश्मीर में लगातार सरगर्मी बढ़ती जा रही है। राज्य पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन्हें श्रीनगर के हरि निवास गेस्ट हाउस में रखा गया है। इनके अलावा जम्मू कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन, इमरान अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि घाटी में धारा 144 लागू है। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला की ओर से इस मसले पर लगातार बयानबाजी की जा रही थी। सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने हिंसा न भड़के, इसलिए सुरक्षा कारणों से गिरफ्तार किया गया है।