जम्मू। शहर के पॉश इलाके गांधी नगर में मंगलवार शाम हुई फायरिंग से क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। गोलियों की आवाज सुनते ही मिनी मार्केट के दुकानदार सहम गए। कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को समझने का मौका ही नहीं मिला।
दुकानदार सोहन सिंह ने बताया कि शुरुआत में लगा कि आतंकी हमला हुआ है लेकिन कार में पुलिस कर्मी अन्य गाड़ी का पीछा करते दिखाई दिए तो कुछ समझ नहीं आया। देखते ही आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ गई। अचानक दो से तीन राउंड फायरिंग की आवाज ने डरा दिया। वास्तव में क्या हुआ इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। ग्रीन बेल्ट और पार्क में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शाम होने के कारण कई परिवार, महिलाएं और बुजुर्ग सैर के लिए पहुंचे थे। ऐसे में भीड़भाड़ वाले इलाके में फायरिंग से लोगों में घबराहट बढ़ गई। कई लोग तुरंत निकलने लगे जबकि कुछ लोग दुकानों और इमारतों के अंदर ही रुके रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांधी नगर जैसे शांत और पॉश इलाके में फायरिंग चिंताजनक है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया है।
मुठभेड़ की घटनाएं
27 अप्रैल 2026 : मीरां साहिब में कुख्यात अपराधी अभिजीत उर्फ नागी के साथ मुठभेड़। जानू नामक युवक की माैत हुई थी जबकि गैंगस्टर फरार हो गया।
08 फरवरी 2025 : दो कुख्यात गैंगस्टरों के बीच मुठभेड़। एक घायल हो गया जबकि दूसरा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बदमाश जम्मू में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
अप्रैल 2024 : कठुआ में जीएमसी अस्पताल के पास हुई मुठभेड़ में वासुदेव को मार गिराया। सब इंस्पेक्टर दीपक शर्मा शहीद हो गए थे।