जी-20 को लेकर जम्मू संभाग में भी सुरक्षा कड़ी कर दी है। संभाग के संवेदनशील स्थानों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई है और औचक चेक पोस्ट बनाई गई है। जी-20 श्रीनगर में होने जा रहा है, लेकिन संभाग में भी तीन-स्तरीय सुरक्षा तंत्र बनाया है। इसमें पाकिस्तान के साथ लगती सीमा के साथ पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा हर गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार और एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह ने संयुक्त रूप से संभाग के सभी जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा की समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों डीसी, एसएसपी और खुफिया अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अर्धसैनिक बलों को महत्वपूर्ण स्थलों, राजमार्गों, पर तैनात किया गया है।
वहीं ओजीडब्ल्यू के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। बैठक में जिलों में सुरक्षा, कानून व्यवस्था की स्थिति से संबंधित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान एसएसपी को जिलों के माहौल को खराब करने वाले हर प्रयास के खिलाफ सतर्क रहने को कहा।
इस दौरान कहा कि अज्ञात नंबरों से अंतरराष्ट्रीय कॉल को लेकर एडवाइजरी जारी की है। विदेशी नंबरों से की जा रही कॉल्स के जरिए जम्मू-कश्मीर में जी-20 की बैठक रद्द होने की अफवाह फैलाई जा रही है।
जम्मू क्षेत्रों का दौरा करने से पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों की जम्मू क्षेत्रों में भी यात्रा की व्यवस्था करें ताकि वे पटनीटॉप, सुधमहादेव, मंतलाई, कटड़ा का देख सके। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर लाखों की संख्या में लोग आते हैं। प्रतिनिधियों का जम्मू क्षेत्रों का दौरा जम्मू के पर्यटन क्षेत्र में सुधार के लिए मील का पत्थर साबित होगा।