प्रमोशन में आरक्षण पर रोक के मुद्दे पर शनिवार को विधानसभा में सत्ता पक्ष तथा विपक्ष एकजुट नजर आया। इस मामले पर सदन में जमकर हंगामा हुआ।
सभी दलों के सदस्यों ने इसे आरक्षित संवर्ग के साथ नाइंसाफी बताया। बाद में सरकार के आश्वासन पर हंगामा शांत हुआ।
सदन में जावेद अहमद राना ने यह मुद्दा उठाया। इसका एजाज अहमद खान तथा विकार रसूल वानी ने समर्थन किया। उनका कहना था कि प्रमोशन में आरक्षण खत्म होना आरक्षित संवर्ग के साथ नाइंसाफी है।
इससे लगभग 60 लाख लोग प्रभावित होंगे। आरोप लगाया कि यह सरकार की विफलता है। इसका सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी खड़े होकर समर्थन किया।
सदस्यों के हंगामा पर संसदीय कार्य मंत्री बशारत अहमद बुखारी ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश की कापी सरकार को नहीं मिली है।
कापी मिलने के बाद सरकार इसका परीक्षण करेगी और उसके अनुरूप कार्रवाई होगी। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सदस्य जब हंगामा करते रहे तो समाज कल्याण मंत्री बाली भगत ने कहा कि यह गंभीर मामला है।
सत्ता पक्ष तथा विपक्ष का चिंतित होना लाजिमी है। उन्होंने कहा कि जेके रिजर्वेशन एक्ट में प्रमोशन में आरक्षण की बात कही गई है।
आश्वस्त किया कि सरकार आरक्षित संवर्ग के अधिकारों की रक्षा के प्रति गंभीर है, लेकिन, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। कोर्ट की कापी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई होगी। इसके बाद सदस्यों का हंगामा शांत हुआ।