मौसम के बदले मिजाज में राज्य की शीतकालीन राजधानी श्रीनगर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। उधमपुर जिले के पर्यटक स्थल नत्थाटाप के अलावा जुगधार, स्योजधार, देराटाप, शिवगढ़ धार की चोटियों पर सफेद चादर बिछी। डोडा और रामबन जिले के पर्वतीय इलाकों में भी बर्फबारी से पारा गिर गया है।
जवाहर टनल पर भी रुक रुक कर बर्फ जारी है। श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में धुंध से कटड़ा-सांझीछत हेलीकाप्टर सेवा प्रभावित रही। बुधवार कुछ उड़ाने ही जा सकीं। बर्फबारी से कारगिल-जंस्कार रोड एनएच 201 को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। मौसम की मार श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पड़ी है। यहां भी ट्रैफिक ठप हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। श्रीनगर में पिछले चौबीस घंटों में 13.9 मिलीमीटर बर्फबारी और बारिश हुई है। यहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री गिरकर 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसी तरह विश्व विख्यात पर्यटक स्थल गुलमर्ग में 15 सेंटीमीटर, पहलगाम में 12.5 और कुपवाड़ा में 9 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है।
कारगिल में एक से डेढ़ फीट तक बर्फबारी हुई है। गांदरबल, केरन, मचैल, करनाह, गुरेज, शोपियां, सोनामर्ग और अमरनाथ गुफा में बर्फबारी हुई है। बर्फबारी और बारिश से सूखे की मार झेल रहे किसानों के चेहरे खिले हैं। जम्मू में भी दिनभर बादल छाए रहने से हल्की बूंदाबांदी होती रही। पीर की गली में बर्फबारी से मुगल रोड पहले से ही बंद चल रहा है।
बफ्लियाज सेक्टर में चंडीमढ़ और शोपियां में हीरपोरा में भी यातायात को बंद कर दिया गया है। बर्फबारी से प्रभावित इलाकों में फिसलन बढ़ गई है। कश्मीर प्रशासन ने बर्फबारी प्रभावित इलाकों में लोगों को सभी जरूरी एहतियात बरतने को कहा है। जिला कठुआ और राजोरी के भी अधिकांश हिस्सों में दिनभर बादल छाने के साथ बूंदाबांदी हुई।