नए नियम में सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं और रियल एस्टेट एजेंटों को वेब-आधारित ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पूर्व पंजीकरण प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रमोटर के विषय में सभी जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी।
मसलन प्रमोटर का ट्रैक रिकॉर्ड, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन की स्थिति, विवाद की स्थिति, कंसल्टेंट, विकास योजना, वित्तीय स्थिति आदि की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। नए नियमों में उपभोक्ताओं की शिकायतों पर अथॉरिटी व अपीलीय ट्रिब्यूनल की शक्तियों और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
अथॉरिटी को बजट, बही खातों का रखरखाव और वार्षिक रिपोर्ट दाखिले की निगरानी का भी अधिकार दिया गया है। जम्मू और कश्मीर में इस कानूनी व्यवस्था से रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।