कश्मीर घाटी में लगातार तीन दिनों तक बंद रहने के बाद शुक्रवार को जनजीवन फिर से पटरी पर लौट आया है। इस दौरान सभी चीजें सामान्य दिखी।
श्रीनगर में 9, 10 और 11 फरवरी को अलगाववादियों द्वारा बंद का आह्वान किया गया था। वह अफजल गुरु और मकबूल भट की अस्थियों को उनके घर वालों को सौंपने की मांग कर रहे थे।
इस सबको ध्यान में रखते हुए तीन दिनों तक प्रशासन द्वारा श्रीनगर समेत घाटी के लगभग सभी संवेदनशील इलाकों में सख्त पाबंदियां लगाई गई थीं।
यहां तक कि श्रीनगर के रैनावारी, नौहट्टा, एमआर गंज, सफाकदल और मायसुमा थाना क्षेत्रों के तहत आने वाले इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू की गई थीं।
अलगाववादियों की बंद की कॉल और पाबंदियों के कारण घाटी में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। कारोबारी इदारे, दुकानें तथा यातायात बंद रहे। रेल सेवा भी स्थगित रही। शुक्रवार को एक बार फिर से घाटी में चहल पहल देखने को मिली।