श्रीनगर की सेंट्रल जेल से 40 आतंकियों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया है। इसमें पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा भी शामिल है। जो 2003 में कश्मीरी पंडितों की हत्या का आरोपी है। आतंकी नवीद को भगाने की साजिश यही रची गई थी। जिसे अस्पताल से भगाया गया था।
जेल विभाग ने खूंखार आतंकियों की सूची बनाई थी। इसके बाद आतंकियों को बाहरी जेलों में शिफ्ट कर दिया गया। यह जेल आतंकियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गई थी। जैमर खराब होने के कारण जेल के अंदर तीन सौ मोबाइल चल रहे हैं। इससे पहले आतंकी नवीद को भगाने में मदद करने वाले पांच को जम्मू शिफ्ट किया जा चुका है।
इनमें अशफाक अहमद भट्ट, मोहम्मद असलम मलिक, आमिर नाही मागी शामिल हैं। इस बात का भी खुलासा हो चुका है कि पूर्व डीजीपी जेल एसके मिश्रा ने सरकार और गृह विभाग को सेंट्रल जेल से खूंखार आतंकियों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट करने को लिखा था। बावजूद कुछ नहीं किया गया। अब केंद्र के कड़े रुख के बाद यह फैसला लिया गया है।
उधर, आतंकियों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट करने के विरोध में अलगाववादियों ने जामिया मस्जिद के पास प्रदर्शन किया। इसका आयोजन सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक, यासीन मलिक ने किया था।