एनआईए दफ्तर जम्मू पहुंचे पीडीपी के पूर्व विधायक एजाज अहमद मीर
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जम्मू में पीडीपी के पूर्व विधायक एजाज अहमद मीर से एनआईए ने शुक्रवार को उनके सरकारी आवास से पीएसओ के हथियारों और उनकी खुद कि पिस्टल लूट मामले में पूछताछ की। इस घटना में विधायक का एसपीओ आठ हथियार लेकर फरार हो गया था।
पुलिस ने इस मामले में अबतक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वह शोपियां जिले के ठोकरपोरा के परवेज अहमद वानी (35), गुंडी दरवेश के जावेद यूसुफ डार (21) और शेरमाल के साबजार अहमद कुमार (20) हैं। एनआईए के अनुसार इनकी गिरफ्तारी पीडीपी के वची सीट से पूर्व विधायक एजाज अहमद मीर के सरकारी आवास जे-11 जवाहर नगर-श्रीनगर से हथियार लूट मामले में की गई है। जैनापोरा शोपियां का एसपीओ आदिल बशीर शेख पूर्व विधायक के साथ अटैच था।
28 सितंबर 2018 को वह विधायक के सुरक्षा कर्मियों की सात एके राइफल्स और विधायक की पिस्टल लेकर फरार हो गया। इसे लेकर राजबाग थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में एनआईए ने 18 अक्तूबर को आरपीसी की धारा 381, 120बी, आर्म्स एक्ट 7/25 और यूए (पी) एक्ट 16,18, 20, 23 और 38 के अंतर्गत दोबारा मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि एसपीओ आदिल बशीर शेख ने कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन की लीडरशिप द्वारा रची गई साजिश के तहत साथी यावर अहमद डार (मौजूदा सक्रिय हिजबुल आतंकी) निवासी ठोकरपोरा शोपियां और रफीक अहमद भट निवासी अच्छन पुलवामा के साथ मिलकर हथियार लूट की वारदात को अंजाम दिया। जांच एजेंसी ने पहले ही रफीक को गिरफ्तार कर लिया है जबकि आदिल और यावर अभी फरार हैं।
हथियार लूट के बाद आदिल की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें उसके आतंकी संगठन में शामिल होने की बात कही गई थी। जांच में यह बात भी सामने आई कि परवेज अहमद वानी, जावेद यूसुफ डार और साबजार अहमद कुमार ने वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को साजिश के एक हिस्से के रूप में लाजिस्टिक सपोर्ट प्रदान की थी।