कांग्रेस के पूर्व राज्य मंत्री योगेश साहनी की तस्वीर का दुरुपयोग करते हुए सोशल व अन्य साइटों पर दुष्प्रचार करने के मामले में अदालत ने जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जम्मू एससी कटाल की अदालत ने आईजी क्राइम ब्रांच को साइबर क्राइम के इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
योगेश साहनी ने दायर शिकायत में कहा कि वह कांग्रेस के सीनियर नेता रमन सूरी के साथ 15 नवंबर को चौक चबूतरा स्थित बाबा भैरव के वार्षिक भंडारे में गए थे। जहां अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे थे। इस दौरान वह जब वह पुजारी के कमरे में बैठे थे तो जम्मू ईस्ट से भाजपा उम्मीदवार राजेश गुप्ता भी पहुंचे।
उन्होंने उनके साथ सामान्य बातचीत की। इस दौरान किसी शरारती तत्व ने उनकी तस्वीरें खींची। इसके बाद उसने अन्य लोगों की तस्वीर क्राप करने के बाद उनकी, रमन सूरी और राजेश गुप्ता की तस्वीर सेट की। तस्वीर को ‘कांग्रेस और भाजपा की सीक्रेट मीटिंग’ कैप्शन के साथ व्हाट्स ऐप और फेसबुक सहित अन्य सोशल साइट पर डाल दी।
पहली तस्वीर व्हाट्स ऐप ग्रुप ‘जम्मू ईस्ट’ ग्रुप में डाली गई, जिसके एडमिन का मोबाइल नंबर 94191-88509 है। इसके अलावा तस्वीर को बिना कैप्शन मोबाइल नंबर 97964-59270 में भी डाला गया। एक अन्य ग्रुप ‘एस्टीमड मेंबर आफ चैंबर’ में भी उक्त फोटो को जारी किया गया, जिसका नंबर 99060-44749 है। इसके अलावा अन्य ग्रुप में भी तस्वीर डाल छवि खराब करने का प्रयास किया गया।
अदालत को शिकायत में कहा गया कि शिकायतकर्ता पूर्व राज्यमंत्री और पूर्व विधायक होने के कारण समाज में अच्छी छवि है, जिससे खराब करने का प्रयास किया गया। शिकायत में आईजी क्राइम को प्रतिवादी बनाते हुए शिकायतकर्ता ने मामले की जांच के लिए उनसे आग्रह किया, लेकिन अब तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ है।
इसलिए प्रतिवादी को जांच कर कानूनी एक्शन लेने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच जम्मू को मामला सौंपा।