प्रदेश में 4जी इंटरनेट की बहाली को लेकर चल रही बहस के बीच पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. शेषपाल वैद ने कहा है कि सीमा पार से इंटरनेट के जरिए साइबर जिहाद चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की कई एजेंसियां अखबारों में इश्तेहार देकर युवाओं को साइबर जिहाद में शामिल होने को उकसाती हैं। उन्हें बाकायदा पैसा दिया जाता है। साइबर जिहाद को इंटरनेट के जरिए जम्मू-कश्मीर का माहौल खराब करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
नमो एप पर वर्चुअल मीट के दौरान एक वक्ता ने डॉ. वैद से विलेज डिफेंस कमेटी गठन के इतिहास पर सवाल पूछा। डॉ. वैद ने बताया कि वर्ष 1995 में माहौर के एक गांव में आतंकियों के एक दल का ग्रामीणों से सामना हुआ था। सात से आठ आतंकियों से ग्रामीण भिड़ गए। दो आतंकी मार भी दिए गए।