जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला को शनिवार जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के मनी लांड्रिंग केस में जमानत मिल गई है। समन जारी होने पर फारूक शनिवार अदालत में पेश हुए। उन्होंने नियमित जमानत की अर्जी देने के बाद 50 हजार रुपये का श्योरिटी बांड भरकर कोर्ट से राहत ली।
ईडी का दावा है कि अब तक जांच से पता चला है कि जेकेसीए के पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा ने जेकेसीए के अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर 51.90 करोड़ रुपये के फंड का दुरुपयोग किया है। इस आय का उपयोग अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक देनदारियों को निपटाने के लिए किया गया।
इसके बाद श्रीनगर के राम मुंशी बाग पुलिस थाने में केस दर्ज कर जेकेसीए पदाधिकारियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग की जांच शुरू की गई। बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई ने जेकेसीए के पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ धांधली पर आरोप पत्र दायर किया है।