पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को बारामुला में अपने भाषण के दौरान महबूबा मुफ्ती को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो कुछ घाटी में बर्बादी हुई है और आज जम्मू कश्मीर के जो हालात हैं, उसके लिए पीडीपी-भाजपा जिम्मेदार है।
यह सभी उनके दौर में हुआ है। आज वे उसके खिलाफ आवाज उठा रही हैं, जब वो सत्ता में नहीं हैं। यह सब मगरमच्छ के आंसू हैं। राफियाबाद में चुनावी जनसभा को संबोधित किया।
उमर ने कहा, जब बडगाम में चुनाव के दौरान बोनट पर बांध कर एक नौजवान को सेना ने गांव-गांव घुमाया, तब कहां थी इनकी आवाज, और तब जब कश्मीर के विभिन्न इलाकों से नौजवान बंदूक उठाकर आतंकवाद का रुख कर रहे थे, तब कहां थीं महबूबा मुफ़्ती।
उन्होंने कहा, हम कहते हैं कि जम्मू कश्मीर का मसला एक सियासी मसला है और इसका हल बंदूक से नहीं निकाला जा सकता। उमर ने कहा, यह नेशनल कॉन्फ्रेंस का वादा है कि अगर हमारी हुकूमत आई तो पीएसए को हटा दिया जाएगा।