पूर्व एएजी विशाल शर्मा ने सरकार से उनका विभाग बदलने के कारण को स्पष्ट करने की मांग की है। पूर्व एएजी का कहना है कि हाईकोर्ट द्वारा बीफ पर प्रतिबंध लगाने के मामले में उनके द्वारा कोई गलती नहीं की गई है।
उन्होंने साफ किया कि इस संबंध में उनके द्वारा समय रहते मंडलायुक्तों को सूचित कर दिया गया था ताकि वे इस संबंध में जवाब दाखिल कर सकें।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट द्वारा रियासत में बीफ पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के संबंध में आदेश जारी करने के बाद विशाल शर्मा को 14 सितंबर को गृह विभाग से शिक्षा और ग्रामीण विकास विकास विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया था।
विशाल शर्मा द्वारा कानून सचिव को लिखे गए 29 पेज के लेटर में कहा गया है कि मीडिया ने भी इस मामले में उनके खिलाफ अभियान चला रखा है और बिना तथ्यों को जाने पूरे मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश की जा रही है।