लकड़ी माफिया पर दबिश दे रहे वन विभाग के लिए लकड़ी तस्करों के घोड़े जी का जंजाल बन गए हैं। ज्यादातर मामलों में घोड़े बिना मालिक के पकड़े जाते हैं। ऐसे में लकड़ी जब्त करने के साथ विभाग घोड़े भी अपनी हिरासत में ले लेता है।
हाल के महीनों में सिलसिलेवार दबिश के दौरान पकड़े गए घोड़ों की संख्या दो सौ से अधिक पहुंच गई हैं। मुसीबत ये है कि विभाग को इन घोड़ों की खातिरदारी करनी पड़ रही है। दरअसल वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ रियासत की तमाम फारेस्ट डिवीजन में अभियान चलाए जा रहे हैं।
वन भूमि को अवैध कब्जे से छुड़ाने और लकड़ी के तस्करों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। पिछले कुछ महीनों के भीतर टीमों ने विभिन्न फारेस्ट डिवीजन में दबिश देकर सैकड़ों की तादाद में तस्करी के वाहन और घोड़े काबू किए हैं।