प्रदेश में करीब पचास हजार प्रवासी हैं। इसमें लगभग 12 हजार लोग अपने घरों को जा चुके हैं। वहीं, 15 हजार से ज्यादा प्रवासी जम्मू शहर में रहते हैं। इसमें दो से तीन हजार प्रवासी अपने घरों का रुख कर चुके हैं। शेष बचे लोगाें को अब राशन वितरित होना शुरू हुआ है।
दो माह का मिला राशन
लोगों को दो माह यानी अप्रैल और मई माह का राशन वितरित किया जा रहा है। प्रति सदस्य पांच किलो चावल और प्रति परिवार एक किलो दाल वितरित की जा रही है।
काम धंधा हो गया ठप, नहीं ली किसी ने सुध
लॉकडाउन के कारण प्रवासियों का काम धंधा ठप हो गया। इस कारण उन्हें जीवन यापन करने में परेशानी होने लगी थी। सब कुछ बंद होने के कारण प्रवासी भूखे रहने को मजबूर थे। इस दौरान जिला प्रशासन ने जरूरतमंद प्रवासियों को राशन आवंटित करने के लिए नामों की सूची मांगी थी।