इसलिए जरूरी हैं अंडर स्लयूस गेट
अंडर स्लयूस गेट बांध की सुरक्षा व क्षमता बनाए रखने का सबसे अहम हैं। यह जलाशय में साल-दर-साल जमा होने वाली सिल्ट (गाद) को बाहर निकालता है। सिल्ट न हटाए जाने से जलाशय की क्षमता घटती है और बांध कमजोर पड़ सकता है। इन गेटों का संचालन संतुलन का काम है। बहुत अधिक खोलने पर पानी की हानि होती है और कम खोलने पर सिल्ट जमा होती रहती है। बाढ़ के समय इन्हें लंबे समय तक खोला जाता है जबकि सूखे मौसम में केवल सिल्ट निकालने के लिए खोला जाता है। यदि गेट फंस जाए या लीक करने लगे तो पूरा बांध खतरे में पड़ सकता है, इसलिए इनकी नियमित जांच, धुलाई और मरम्मत बेहद जरूरी है।
बग्लिहार परियोजना से भी निकाली जाएगी गाद
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जलसंधि स्थगित करने के बाद ही चिनाब पर बने बग्लिहार प्रोजेक्ट के गेट बंद किए जा चुके हैं। अब इसके जलाशय की क्षमता को बढ़ाने के लिए इसके भीतर जमा गाद निकालने का काम भी होने जा रहा है। प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल गाद निकालने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। ऐसे में जलाशय की क्षमता भी बढ़ेगी।