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Jammu News: दो घंटे में आया 1.4 लाख क्यूसेक पानी, तवी उफान पर

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- नदी में सात फुट तक पहुंचा जलस्तर, खबरे का निशान 14 फुट
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- तवी के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद तवी ने रविवार को रौद्र रूप दिखाया। सुबह मात्र दो घंटे के भीतर नदी में 1.4 लाख क्यूसेक पानी आने से नदी उफान पर आ गई। जलस्तर सात फुट तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 14 फुट निर्धारित है।
मौसम विभाग के अनुसार, त्रिकुटा पहाड़ियों और तवी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश से अचानक फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन गई। नदी का पानी बढ़ने से प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। बेलीचराना, भगवती नगर, गुज्जर नगर और निक्की तवी के तटीय क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या नदी के पास न जाने की लाउड स्पीकर से चेतावनी दी जा रही है। उधर, चिनाब दरिया में भी जलस्तर सुबह 28 फुट तक रहा, यहां खतरे का निशान 35 फुट तक है।
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ड्रेन और नालों से पहुंच रहा 34 हजार क्यूसेक पानी
तवी में शहर और आसपास के क्षेत्रों के नालों और ड्रेन से रोज 34 हजार क्यूसेक पानी पहुंचता है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाइ लैंड़ो चोई, जनीपुर खड्ड और डिग्याना-संजय नगर के नालों का डिस्चार्ज अचानक कई गुना बढ़ जाता है। शहर का 34 हजार क्यूसेक पानी जब उफनती हुई तवी नदी में जाकर मिलता है तो जलस्तर खतरे के निशान को तेजी से पार कर जाता है। यही कारण है कि बेलीचराना, भगवती नगर और निक्की तवी जैसे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी बहुत जल्दी प्रवेश कर जाता है।
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तवी रिवर फ्रंट का काम रुका
तवी रिवर फ्रंट और कृत्रिम झील परियोजना के निर्माण कार्यों को तुरंत रोक दिया गया है। काम कर रही भारी मशीनों व अस्थायी ढांचों को सुरक्षित दूरी पर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
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बाढ़ प्रभावित इलाके
बेलीचराना : यह इलाका तवी नदी के ठीक किनारे है। यहां की अधिकतर आबादी नदी और तटबंध के बीच बसी है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो जाता है।


भगवती नगर : तवी नदी के किनारे बसा यह क्षेत्र भी बेहद संवेदनशील है। यहां अमरनाथ यात्री निवास के पास के निचले हिस्से और तवी पुल के आसपास की बस्तियां बाढ़ से प्रभावित होती हैं।
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गोरखा नगर और बाहु फोर्ट के निचले हिस्से : बाहु किले की पहाड़ियों के नीचे तवी नदी के किनारे बसे कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी और भूस्खलन दोनों का खतरा रहता है।
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सिद्दड़ा के निचले इलाके : तवी के ऊपरी बहाव क्षेत्र में स्थित सिद्दड़ा के कुछ तटीय पैच और पुल के पास के इलाके पानी के तेज बहाव की चपेट में आ जाते हैं।


गुज्जर नगर : गुज्जर नगर पुल के नीचे और उसके आसपास नदी के मुहाने पर बसी बस्तियां जलस्तर बढ़ने पर सीधे खतरे में आ जाती हैं। बात दें कि बीते साल 26 अगस्त को तवी में आई बाढ़ से इन इलाकों में भारी नुकसान हुआ था।
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