श्रीनगर के अमीरा कदन, मैसुमा, जहांगीर चौक, बरमालु, करानहर और लाल चौक इलाकों में शनिवार को पीड़ितों ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहत सामग्री न मिलने से पीड़ित खफा थे। पीड़ितों का कहना था कि अभी तक सरकार का कोई भी प्रतिनिधि उनके नुकसान का आकलन करने नहीं पहुंचा है।
लोग अभी भी घरों से बाहर टेंटों में शरण लिए हैं। बाढ़ के कारण उनके घरों को काफी क्षति पहुंची है। अभी भी घरों में मलबा जमा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है। जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सर्दियों में बर्फबारी की बात सोचकर ही पीड़ित काफी सहम गए हैं।
सरकार ने उनके क्षतिग्रस्त घरों को ठीक कराने का कोई इंतजाम तक नहीं किया है। इसके अलावा सरकार की तरफ से राहत सामग्री भी नहीं मिल रही है, जिससे उनके सामने खाने-पीने की समस्या पैदा हो गई है। अमीरा कदन और मैसुमा इलाके में तो खफा पीड़ितों ने टायर जलाकर सरकार के खिलाफ गुस्से का इजहार किया।
जगह-जगह हुए प्रदर्शन के कारण पूरे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। जिससे लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। जाम के कारण लोगों को थोड़ी-थोड़ी दूर तक पहुंचने में घंटों लग गए।