कश्मीर और लद्दाख में बाढ़ के कारण कृषि क्षेत्र को 3,674 करोड़ रुपयों का नुकसान हुआ है, जबकि तीन लाख हेक्टेयर भूमि प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ी है। बाढ़ ने किसानों और बागवानों की कमर तोड़ दी है। जम्मू कश्मीर के कृषि विभाग द्वारा किए सर्वे के अनुसार पुलवामा जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
यहां पर कृषि उत्पाद को कुल 1104 करोड़ रुपयों का नुकसान हुआ है। पुलवामा के पंपोर में केसर की फसल को बाढ़ के कारण 778 करोड़ का नुकसान हुआ है। घाटी में सबसे ज्यादा केसर का उत्पाद यहीं पर होता है। क्षेत्र के मामले में सेंट्रल कश्मीर के बडगाम जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
यहां पर 52,000 हेक्टेयर में लगी 552 करोड़ रुपयों की फसल बाढ़ की चपेट में आकर तबाह हो गई। हालांकि बडगाम में लोगों के घरों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है लेकिन फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में 40,000 हेक्टेयर में लगी हुई 447 करोड़ की खड़ी फसल तबाह हो गई।
बारामुला के हालात भी इससे अलग नहीं हैं। यहां पर फसलों को 386 करोड़ का नुकसान हुआ है, जबकि अनंतनाग में 374 करोड़ की फसल बर्बाद हो गई है। शोपियां में 66 करोड़ के नुकसान की खबर है।
लद्दाख के कारगिल में 34 करोड़ रुपयों की फसल का नुकसान हुआ है, जबकि लेह जिले में नुकसान की कोई खबर नहीं है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी शुक्रवार को कहा था कि सभी क्षेत्रों का कुल नुकसान कई हजार करोड़ों में है।