विधान परिषद में सोमवार को पांच निजी सदस्य बिल पेश किये गए। इनमें सरकार के आश्वासन पर चार सदस्यों ने अपने बिल वापिस ले लिये। जबकि नेकां सदस्य डा. शहनाज गनेई का निजी सदस्य बिल वोटिंग में ध्वनि मत से खारिज हो गया।
कांग्रेस सदस्य नरेश कुमार गुप्ता के दो निजी सदस्य बिल जिसमें जम्मू कश्मीर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2010 में संशोधन और दूसरा जम्मू कश्मीर कोड आफ क्रिमिनल प्रोसिजर में संशोधन से संबंधित था राजस्व मंत्री जावेद मुस्तफा मीर और ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान के आश्वासनों पर वापिस ले लिये गए।
वहीं नेकां सदस्य डा. शहनाज गनेई का रणवीर पेनल कोड 1989 में संशोधन से संबंधित निजी सदस्य प्रस्ताव ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक के आश्वासन के बावजूद वापिस न लिये जाने पर वोटिंग में ध्वनि मत से खारिज हो गया। नेकां सदस्य ने कहा कि सरकार अगर इस बिल को मंजूर करती हैं तो इससे महिलाओं के प्रति अपराधों में कमी लाई जा सकती है।
वहीं नेकां सदस्य डा. बशीर अहमद वीरी के एनिमी एजेंट आर्डिनेंस (1948 एडी) में संशोधन का निजी सदस्य बिल और स्थायी नागरिकता सर्टिफिकेट से संबंधित संशोधन का बिल ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान और राजस्व मंत्री मुस्तफा मीर के आश्वासन पर वापिस ले लिए गए।