श्रीनगर। बडगाम जिले में बुधवार को दो बार सुरक्षाबलों का नाका तोड़ कर भाग रहा कार चालक युवक सीआरपीएफ जवानों की फायरिंग में मारा गया। मृतक की शिनाख्त पीर महराजुदीन पुत्र गुलाम नबी निवासी मखामा बीरवाह बडगाम के तौर पर हुई है। सूत्रों के अनुसार मृत महराजुदीन का चाचा पुलिस विभाग में कार्यरत है। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस बीच युवक की मौत के बाद लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करते हुए सुरक्षाबलों पर पथराव कर दिया। सुरक्षाबलों ने भी आंसू गैस के गोले दाग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। तनाव के चलते इलाके में मोबाइल और इंटरनेट सेवा स्थगित कर दी गईं है।
सीआरपीएफ के प्रवक्ता पंकज सिंह ने बताया कि घटना बडगाम जिले के नारबल पुलिस पोस्ट के करीब गुलमार्ग-नारबल रोड पर कवूसा नाके के पास हुई। यहां सीआरपीएफ की 141 बटालियन के जवान तैनात थे। घटना के समय सुबह लगभग साढ़े दस बजे सेना की कानवाय दूसरी ओर से जा रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार वैगन आर (जेके02एके/6702) गलत दिशा से उधर आ गई। सिंह के मुताबिक पहले तो वहां तैनात जवानों ने चेतावनी फायर करते हुए कार चालक को रुकने को कहा गया। बावजूद इसके जब उसने दो नाके तोड़ते हुए भागने की कोशिश की, जवानों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें चालक की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान पैदा हुई परिस्थिति से तेज रफ्तार गाड़ी चलाने पर शक लाजिमी था।
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अस्पताल लाने से पहले हो चुकी थी मौत
पीर महाराजुदीन को तुरंत एसएमएचएस अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. नजीर चौधरी ने बताया कि युवक को छाती में गोली लगी थी।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने निष्पक्ष जांच की मांग की
- कांग्रेस ने परिस्थितियों की जांच करने को कहा, पीडीपी ने हत्या बताया
कश्मीर घाटी में राजनीतिक दलों ने बडगाम हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए हुए कहा कि यह हादसा जिन परिस्थितियों में हुआ उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मृतक के परिरवार के प्रति मेरी संवेदना है।
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक बयान में उन परिस्थितियों की जांच की मांग की है, जिसमें यह हादसा हुआ। पीडीपी ने ट्वीट कर घटना की जांच की मांग करते हुए इसे हत्या बताया है और कहा कि इन परिस्थितियों में लोकतंत्र कैसे संचालित हो सकता है। बडगाम में सुरक्षाबलों ने कुछ लोगों को खुश करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया है।