शहर का प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस रविवार की शाम आग का गोला बनने से बच गया। ब्लड बैंक के पीछे दो हाई टेंशन तार के आपस में जुड़ जाने से पूरे अस्पताल में बिजली सप्लाई ठप हो गई।
डबल फेज होने के कारण लेबर रूम, ब्लड बैंक, ईएनटी, सिक्योरिटी कंट्रोल रूम के सामने बिजली बाक्स में एक साथ शार्ट सर्किट हो गया। लेबर रूम से धुआं फैलने पर आनन फानन में सभी मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया।
आग पर अगर अग्निरोधक यंत्रों से तुरंत काबू न पाया जाता तो उसे रोक पाना बेहद मुश्किल हो जाता। ब्लड बैंक की बिजली सप्लाई काट दी गई, जिसे दो घंटे बाद बहाल किया जा सका। ईएनटी में भी अफरातफरी का माहौल रहा। बीते छह दिन में अस्पताल में शार्ट सर्किट से आग लगने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले निको वार्ड में शार्ट सर्किट हुआ था।
रविवार शाम छह बजे के करीब लेबर रूम गायनी के मरीजों से खचाखच भरा हुआ था। तभी अचानक शार्ट सर्किट के साथ छत की सीलिंग से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते छत के कई हिस्सों से धुआं बाहर आ गया। इस बीच ब्लड बैंक में भी शार्ट सर्किट हो गया। ब्लड बैंक के साथ ईएनटी में भी शार्ट सर्किट से धुएं की दुर्गंध फैल गई।
लेबर रूम से सभी मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया। इनमें कई मरीज गंभीर थे। रात आठ बजे के बाद मरीजों को दोबारा लेबर रूम में शिफ्ट किया गया।