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Jammu News: फर्नीचर फैक्टरी अग्निकांड...जिस आंगन में गूंजने थे शगुन के गीत वहां अब मातमी चीखें

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फैक्टरी में ही जल गया था मालिक, शनिवार देर शाम संस्कार, 6 महीने बाद थी बेटी की शादी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। क्षेत्र के गंडारवां स्थित नंदिनी फर्नीचर फैक्टरी के भीषण अग्निकांड और झुलसने से हुई मालिक की मौत ने बेटी की शादी की खुशियों को एक पल में मातम में बदल दिया। छह महीने बाद जिस आंगन में शगुन के गीत गूंजने थे, वहां आज मातम भरी चीखें हैं। हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे अपने पिता को पुकार रहे हैं। लोग ढांढस बंधा रहे हैं। पिता को याद कर जो अश्रुधारा आंखों से फूटती है और जो रुदन कंठ से निकलता है,वो हर किसी की आंख भिगो दे रहा है। इलाके की इस नामी फैक्टरी में शनिवार को आग लगी थी जिसमें मालिक की आग की चपेट में आने से मौत हो गई थी और बुरी तरह झुलसे शव का देर शाम संस्कार कर दिया गया था। परिजनों के मुताबिक हाल ही में राजिंदर सिंह ने बेटी की शादी तय की थी। अगले साल मार्च में उसकी शादी की तारीख निश्चित थी। बेटी की शादी को लेकर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर राजिंदर ने तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। उनका एक बेटा भी है, जो दसवीं का छात्र है।
आग के कारणों का नहीं चल पाया पता, शार्ट सर्किट के लगाए जा रहे क्यास
फैक्टरी में लगी आग का कारण अभी भी एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है। जहां एक तरफ पुलिस की जांच जारी है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोग आग लगने के कारणों को लेकर कई क्यास लगा रहे हैं, जिनमें से एक शॉर्ट सर्किट है। घटना के समय फैक्टरी में सुबह राजिंदर पूजा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भीतर धुंआ देखा तो अंदर जाकर जांच करने की कोशिश की। इस दौरान वह आग की चपेट में आ गए। लोगों का कहना है कि फैक्टरी में लोहे की अलमारियों का निर्माण भी होता था, जिनमें उपयोग होने वाला तारपीन, पेंट, थिनर समेत कई किस्म के ऐसे केमिकल वहां मौजूद थे, जिनके संपर्क में आते ही आग बेकाबू हो गई।
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दरवाजा खोलते ही आक्सीजन मिलने से भड़क उठी आग
कारीगरों ने बताया कि मालिक राजिंदर समय का पाबंद थे और शनिवार को भी रोजाना की तरह सुबह फैक्टरी में पहुंच गए थे। अंदर से धुआं उठता देख जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला तो आग ने भयानक रूप ले लिया। क्सास लगाए जा रहे हैं कि अंदर आग काफी समय से चिंगारी सुलग रही होगी, जैसे ही राजिंदर ने दरवाजा खोला तो आक्सीजन मिलने के आग भड़क गई और मालिक को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। इससे राजिंदर बुरी तरह से झुलस गए और दम तोड़ दिया। दमकल की गाड़ी पहुंचने के बाद उन्हें बाहर निकाला गया। फैक्टरी में आग से लाखों रुपये के गद्दे भी राख हो गए। दुर्घटना में लाखों रुपये का नुकसान तो हुआ ही दो बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया।
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