श्रीनगर के रेसिडेंसी रोड इलाके में स्थित होटल कम्पोश में लगी भीषण आग। दमकल विभाग द्वारा एक दर्जन से अधिक गाड़ियों का अम्ल मौके पर भेजा गया। आग भुजाऊ अभियान में 6 दमकल कर्मचारी घायल। आखरी खबरें मिलने तक जारी था अभियान।
जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में लाल चौक से सटे इलाके रेसिडेंसी रोड पर स्थित होटल पम्पोश में दोपहर करीब पौने दो बजे धुआं निकालना शुरू हुआ। मिली जानकारी के अनुसार धुआं होटल की ऊपरी मंजिल से शुरू हुआ और देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धरण कर लिया और पूरी ऊपरी मंजिल आग के चपेट में दिखी।
आग की लपटे आसमान छू रही थी जिसे देख आस पास की इमारतों में लोग भयभीत दिखे। तुरंत दमकल विभाग की गाडियां मौके पर पहुंची और पुलिस के साथ साथ स्थानीय लोगों की मदद से आग भुजाऊ अभियान चलाया गया लेकिन आग और भीषण रुख अपनाती रही। बेकाबू आग को देख पूरे इलाके में अफरा तफरी का महोल बना रहा। आग भुजने होटल की इमारत में दाखिल हुए दमकल कर्मचारी भी एक समय पर आग की चपेट में आ गए जिनहे बड़ी मुश्किल से रेसक्यू किया गया।
बता दें की इस होटल में कई गेस्ट और मीडिया कर्मी भी मौजूद थे क्योंकि कई मीडिया चैनलों के दफ्तर भी इस इमारत में थे। लेकिन समय रहते वह सभी बाहर सुरक्षित निकाल आए। लेकिन एक गेस्ट ने बताया की पिछले दो दिनो से इस होटल में यह पांचवी बार आग लगी है लेकिन कारणो का पता नहीं लग पाया है। वहीं इस पूरी घटना पर दिन भर श्रीनगर जिले के उपायुक्त सैयद आबिद रशीद, डीआईजी सेंट्रल वीके बिरदी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी नजर बनाए रखे हुए थे और वह खुद घटना स्थल पर मौजूद रहे।
वहीं एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आग पर काबू पाने के लिए करीब 17 दमकल गाडियां मौके पर भेजी गयी थी जबकि एसडीआरएफ की भी एक टीम मौके पर पहुंची थी। इस ऑपरेशन के दौरान 6 दमकल कर्मचारी घायल हुए जिनमें से एक गंभीर रूप से घायल हुआ जिसका इलाज श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में जारी है।
दमकल विभाग के एक कर्मचारी जो मौके पर मौजूद था ने फोन पर करीब 9:30 बजे अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि आग को फैलने से तो रोक लिया गया है लेकिन होटल में अभी भी आग लगी हुई है। उन्होने बताया कि अभी भी करीब 4-5 घंटे लग सकते है। इस बीच होटल के एक कर्मचारी ने भी फोन पर बताया कि होटल के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर को छोड़ सभी मालों में आग भड़की हुई है और पूरी तरह से माली नुकसान हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी प्रकार का कोई जानकी नुकसान नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि होटल पंपोश घाटी के कई पुराने होटलों में से एक था और 60 के दशक में इसका निर्माण हुआ था। यह होटल 7 मंजिला होटल था और इस होटल में करीब 170 कमरे हैं।