बख्शीनगर पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत के मामले में जीएमसी की एक महिला डाक्टर सहित दो डाक्टरों के खिलाफ धारा 304 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
जीएमसी में कार्यरत किरनजीत कौर और नरिंद्र शर्मा के खिलाफ राकेश की लापरवाही से हुई मौत के चलते मामला दर्ज किया है।
दियोली बिश्नाह निवासी ओम प्रकाश का आरोप है कि उनके बेटे राकेश कुमार को डाक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया था, लेकिन उसके बाद उन्हें कोई ऐसा इंजेक्शन लगा दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
राकेश कुछ दिन पहले सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी टांग में गहरी चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें जीएमसी में भर्ती कराया गया था। ओम प्रकाश के मुताबिक उनके बेटे की सेहत में सुधार हो गया था।
एक दो दिन पहले राकेश को डाक्टरों ने स्वस्थ बताते हुए डिस्चार्ज कर दिया, लेकिन उसके बाद उन्हें इंजेक्शन लगाने के लिए एक दिन और अस्पताल में रखा गया। शनिवार को उन्हें पता नहीं डाक्टरों ने कौन सा इंजेक्शन लगाया कि राकेश का शरीर ठंडा पड़ने लगा।
फिर देर शाम को राकेश कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार के लोगों ने हंगामा किया और डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कई घंटों तक जीएमसी गेट के बाहर तनाव की स्थिति बनी रही। जीएमसी के सुपरिंटेंडेंट और एसएचओ के ठोस कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शन देर रात को खत्म हुआ।
परिवार के सदस्यों ने अचानक हुई मौत के लिए डाक्टरों को जिम्मेदार ठहराया और ओम प्रकाश ने बख्शीनगर थाने में शिकायत दी तो पुलिस ने जीएमसी की महिला डा. किरनजीत कौर और नरिंद्र शर्मा के खिलाफ इलाज में लापरवाही करने से हुई मौत के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल दोनों डाक्टरों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है।