याचिका के बाद ट्रायल कोर्ट ने इन अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। याचिका में यह भी बताया गया था कि पक्का डंगा पुलिस स्टेशन में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
ट्रायल कोर्ट के इस आदेश को पूर्व एसएसपी रमेश जाला ने चुनौती दी। बुधवार को इस पर सुनवाई हुई। पूर्व एसएसपी के एडवोकेट पीएन रैना ने कोर्ट को बताया कि सीआरपीसी के प्रावधान में ट्रायल कोर्ट का आदेश लागू नहीं होता।
बता दें कि इस मामले में विशाल जंगोत्रा को जानबूझ कर फंसाया गया था। यह आरोप विशाल के वकील अंकुर शर्मा ने याचिका में लगाए। विशाल के मेरठ में होने की सीसीटीवी फुटेज ने उसको बचा लिया। कोर्ट ने विशाल को इस मामले से रिहा कर दिया था।