नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला
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नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला पीओके पर दिए बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि जिन्हें मिर्ची लगी है वह बंदूक से पीओके वापस लेकर उन्हें गलत साबित करें। शनिवार को शहर में पहुंचे अब्दुल्ला ने कहा कि 70 साल में चार युद्ध हुए।
इसमें हजारों जवानों की शहादत दी। बावजूद पाक अधिकृत कश्मीर को हासिल नहीं किया जा सका। कारगिल युद्ध के दौरान भाजपा की सरकार केंद्र में थी, लेकिन सीमा को लांघने की हिम्मत नहीं हुई।
1965 के युद्ध में भारतीय सेना हाजी पीर तक पहुंच गई थी, लेकिन रूस में भारत-पाकिस्तान में समझौते के बाद जीती हुई जमीन को नेशनल कांफ्रेंस ने पाकिस्तान को नहीं लौटाया। उन्होंने कहा नेशनल कांफ्रेंस ने कभी आजादी नहीं मांगी, न ही उन्होंने कभी पाक में शामिल होने की बात की है।
भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 उन्हें यह हक देता है कि यहां रहने वाले लोग ही जम्मू कश्मीर की जमीन के मालिक हैं। हमने मजबूत हिंदोस्तान के लिए वोट दिया है। हिंदू-मुस्लिम को लड़ाने वालों ने अलग पाक बना दिया और अब कितने टुकड़े करेंगे।