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पाकिस्तान का अपना वजूद है उसे अलग नहीं किया जा सकता : फारूक अब्दुल्ला

Mon, 17 Oct 2016 07:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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फारूक अब्दुल्ला - फोटो : File Photo
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नेकां के प्रधान और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हर धर्म का एक तरीका होता है। किसी भी धर्म पर कुछ जबरन थोपने का अंजाम बुरा होता है। दो दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे फारूक सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा समान नागरिक संहिता पर की गई टिप्पणी प्रतिक्रिया दे रहे थे। 
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पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर समस्या का हल भारत-पाक के बीच वार्ता से ही निकाला जा सकता है। 100 दिन से कश्मीर जल रहा है। इसके बाद भी बातचीत की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है।

उन्होंने राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की वकालत करते हुए कहा कि हुर्रियत सहित सभी पक्षकारों को इसमें शामिल किया जाना चाहिए। सरकार के एजेंडा आफ एलायंस में हुर्रियत सहित सभी पक्षकारों को बातचीत में शामिल करना शामिल है। तो फिर इसमें दिक्कत क्या है। 
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'युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं होता'

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला - फोटो : FILE PHOTO
फारूक ने कहा कि पड़ोसी से दुश्मनी करने से कोई हल नहीं निकल सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दोस्त बदले जा सकते हैं पड़ोसी नहीं। कारगिल युद्ध के बाद भी वाजपेयी ने मुशर्रफ को आगरा में बुलाकर बातचीत से नई शुरुआत की थी।

फिर अब ऐसा क्यों नहीं हो सकता है। युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है। कुछ नेता अपने स्वार्थ के लिए ऐसी बातें करते हैं। लेकिन, वे भूल रहे हैं कि सीमावर्ती लोगों को युद्ध की कितनी मार झेलनी पड़ती है।

पहले भी 10 महीने सीमा पर हमारी फौज तैनात रही थी। कई सिपाही बिना गोली खाए ही शहीद हो गए। देश को हजारों करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। 
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'पाकिस्तान का अपना वजूद है उसे अलग नहीं किया जा सकता'

फारूक अब्दुल्ला - फोटो : PTI
प्रधानमंत्री के पाकिस्तान को अलग-थलग करने पर फारूक ने कहा कि पाकिस्तान का अपना वजूद है। हिंदुस्तान उसे अलग नहीं कर सकता है। पाकिस्तान का चीन सबसे बड़ा समर्थक रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश भी चाहता है। लेकिन, उसने कभी इसमें हस्तक्षेप नहीं किया है।

उमर को न्यूयार्क में रोके जाने पर अमेरिका की नीतियों को लताड़ते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के जूते खलवाए गए, भाजपाई हुकूमत में रक्षामंत्री जार्ज फर्नांडीज जैसे बड़े लोगों को भी खड़ा रहना पड़ा था। वो असली आतंकी को पकड़ नहीं पाते हैं, लेकिन, निर्दोष लोगों को ऐसे ही तंग किया जाता है।  
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