नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की भलाई की खातिर, खासतौर से कश्मीर के कल्याण के लिए नतीजे देने वाली और समयबद्ध वार्ता शुरू करनी चाहिए।
वह यहां पार्टी पदाधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी संस्थापक और उनके पिता शेख मोहम्मद अब्दुल्ला का मानना था कि भारत-पाक की बातचीत से राज्य के लोगों को फायदा होगा।
हमारी पार्टी अब भी मानती है कि भारत-पाक दोस्ती एक शांतिपूर्ण उप महाद्वीप के लिए अनिवार्य है। मैं दोनों देशों के लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे दोनों देशों की भलाई की खातिर अपनी-अपनी सरकारों पर नतीजे देने वाली वार्ता प्रक्रिया शुरू करने के लिए दबाव डालें।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि परमाणु हथियार संपन्न दोनों देशों के बीच मेलजोल जम्मू कश्मीर में शांति के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान से 2003 के सीजफायर समझौते का सम्मान करने और सीमाओं को शांतिपूर्ण बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हो रही झड़पों ने सीमा के दोनों ओर रह रहे लोगों के जीवन को आफत में डाल दिया है।