नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को हल करने के लिए वार्ता एकमात्र माध्यम है। इस्लामाबाद को अपनी धरती पर आतंकवाद खत्म करने के लिए मजबूत प्रयास करने चाहिए। युद्ध जैसे हालात उत्पन्न करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आपको युद्ध से बचाने के लिए रब से प्रार्थना करनी चाहिए। चार युद्ध हुए, लेकिन कुछ भी हासिल नहीं हुआ।
वह सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंक खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। अगर यह ऐसा नहीं करते हैं तो उस देश को एक आतंकवादी राज्य के रूप में चिह्नित किया जाएगा जो अपने लोगों को दुख पहुंचाएगा। फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के सांसद राजेश कुमार वंकवानी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मुलाकात पर खुशी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने अपना प्रतिनिधि भेजा था जो भारत के प्रधानमंत्री और सुषमा स्वराज से मिला। उन्हें आशा है कि युद्ध जैसे हालात जो बन रहे थे वह दबाव कम हो गया होगा। वहीं उन्होंने पूर्व आईएएस अधिकारी फारूक अहमद शाह का पार्टी की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि एनसी को सार्वजनिक जीवन में शाह के अनुभव से लाभ होगा। उन्हें उम्मीद है कि शाह पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाएंगे।